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जेजेएम घोटाले में महेश जोशी की गिरफ्तारी से गरमाई राजस्थान की राजनीति

Mahesh Joshi

Mahesh Joshi: राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की गई इस कार्रवाई पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने आरोप लगाया कि महेश जोशी की गिरफ्तारी राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और इसमें कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बिना नोटिस और पूछताछ के सुबह पांच बजे गिरफ्तारी करना नियमों के खिलाफ है।

गहलोत ने गिरफ्तारी प्रक्रिया पर उठाए सवाल

अशोक गहलोत ने अपने बयान में कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे महेश जोशी के घर पहुंचकर गिरफ्तारी की, जबकि सामान्य प्रक्रिया के तहत पहले नोटिस देकर पूछताछ की जाती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है। उनके अनुसार वर्तमान सरकार एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए कर रही है। गहलोत ने यह भी कहा कि महेश जोशी पहले भी जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करते रहे हैं और उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ में हिस्सा लिया था।

Mahesh Joshi: राजनीतिक प्रतिशोध का लगाया आरोप

गहलोत ने भाजपा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में वास्तविक भ्रष्टाचार के मामलों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि महेश जोशी की पत्नी गंभीर रूप से बीमार हैं, इसके बावजूद पूर्व मंत्री ने जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में बिना पूछताछ सीधे गिरफ्तारी करना यह दिखाता है कि सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाना चाहती है। गहलोत ने कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए और राजनीतिक दबाव में कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं मानी जा सकती।

फर्जी टेंडर और रिश्वत के आरोपों की जांच तेज

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार सुबह महेश जोशी को जयपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर करीब 960 करोड़ रुपये के टेंडर दिलाने में भूमिका निभाई गई। जांच एजेंसी के अनुसार कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत लेने के आरोप भी सामने आए हैं। इस मामले में पहले भी कई अधिकारियों और पूर्व नौकरशाहों पर कार्रवाई हो चुकी है। अदालत ने महेश जोशी को 11 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। यह मामला पहली बार तब सुर्खियों में आया था जब भाजपा नेता किरोड़ीलाल मीणा ने वर्ष 2023 में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने को लेकर आंदोलन किया था।महेश जोशी की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक तरफ भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है।

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