Yogi Cabinet Expansion: योगी आदित्यनाथ सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के अंतिम चरण में रविवार को दूसरी बार मंत्रिमंडल विस्तार करने जा रही है। मुख्यमंत्री शनिवार शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन में मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस विस्तार में 5 से 6 नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी संभव है।
सपा के बागी नेताओं को मिल सकता है इनाम
समाजवादी पार्टी से अलग हुए विधायक मनोज पांडेय और पूजा पाल का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि मनोज पांडेय को मंत्री बनाने से ब्राह्मण समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। वहीं पूजा पाल को महिला और पिछड़े वर्ग के मजबूत चेहरे के रूप में देखा जा रहा है।
Yogi Cabinet Expansion: जातीय समीकरण साधने की तैयारी
मंत्रिमंडल विस्तार में अलग-अलग सामाजिक वर्गों को साधने की रणनीति दिखाई दे रही है। नाई समाज से MLC रामचंद्र प्रधान और विश्वकर्मा समाज से MLC हंसराज विश्वकर्मा को मौका मिल सकता है। वहीं जाट समाज से पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है। ब्राह्मण वर्ग से पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा और भाजपा प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला के नाम चर्चा में हैं।
Yogi Cabinet Expansion: दलित और महिला प्रतिनिधित्व पर जोर
भाजपा दलित और महिला वोट बैंक को साधने के लिए भी मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकती है। वर्तमान में योगी सरकार में 5 महिला मंत्री हैं, जबकि विधानसभा में कुल 51 महिला विधायक हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बार एक-दो महिला चेहरों को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
ब्राह्मण नाराजगी दूर करने की कोशिश
हाल के विवादों और कुछ मुद्दों को लेकर ब्राह्मण समाज में नाराजगी की चर्चा रही है। ऐसे में भाजपा दो नए ब्राह्मण चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल कर संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है।
कुछ मंत्रियों का हो सकता है प्रमोशन
मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान कुछ राज्यमंत्रियों को कैबिनेट में प्रमोट किए जाने की भी चर्चा है। इनमें असीम अरुण और दयाशंकर सिंह के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा जेपीएस राठौर, गुलाब देवी और दिनेश प्रताप सिंह को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
यह भी पढे़: ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना आज पूरा हुआ’ शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेने के बाद बोले भाजपा नेता








