India-Bangladesh Relations: बांग्लादेश सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह अपनी विदेश नीति में संतुलन बनाए रखेगी और भारत या चीन में से किसी एक के पक्ष में झुकाव नहीं दिखाएगी। प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेश भारत और चीन के बीच “फुटबॉल” नहीं बनेगा।
‘राष्ट्रीय हित सबसे ऊपर’
ढाका में आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में हुमायूं कबीर ने कहा कि मौजूदा सरकार की विदेश नीति व्यावहारिक सोच, संतुलन और राष्ट्रीय हितों पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सभी बड़ी वैश्विक शक्तियों के साथ अच्छे और रचनात्मक संबंध बनाए रखना चाहता है।
India-Bangladesh Relations: भारत और चीन दोनों से संतुलित रिश्ते
कबीर ने कहा कि सरकार किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहती और बहुआयामी कूटनीतिक नीति अपनाएगी। उन्होंने कहा कि चाहे वाशिंगटन हो, बीजिंग हो या नई दिल्ली, बांग्लादेश सभी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहता है। साथ ही हर फैसले में राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
चीन को बताया अहम विकास सहयोगी
हुमायूं कबीर ने चीन को बांग्लादेश का महत्वपूर्ण विकास सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि बीजिंग की उनकी हालिया यात्रा काफी सकारात्मक रही। वहीं “बांग्लादेश फर्स्ट” नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसका मतलब अलगाववाद नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता, विकास और हितों को सबसे ऊपर रखना है।
India-Bangladesh Relations: हिंद-प्रशांत पर भी साफ किया रुख
हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर बांग्लादेश ने कहा कि वह खुले, सहयोगात्मक और समावेशी क्षेत्रीय ढांचे का समर्थन करता है। कबीर ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश किसी वैश्विक प्रतिद्वंद्विता में किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं करेगा, लेकिन व्यापार, कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास से जुड़ी पहलों में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।








