UP NEWS: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के लालवाला गांव में दो पक्षों के बीच हुए हिंसक संघर्ष पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस घटना में दलित वर्ग के कई लोगों के घायल होने से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
बसपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पुलिस और प्रशासन को हालात काबू में रखने के लिए तत्काल निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दोनों पक्षों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि विवाद का समाधान ताकत से नहीं, बल्कि कानूनी तरीके से होना चाहिए।
UP NEWS: जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप
जानकारी के मुताबिक, देवबंद क्षेत्र के लालवाला गांव में भूमि स्वामित्व और तस्वीर रखने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव और मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा।
दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
एक पक्ष का आरोप है कि उनकी जमीन पर कब्जा कर वहां समाज विशेष के महापुरुष की प्रतिमा स्थापित करने की कोशिश की जा रही थी। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि संबंधित जमीन उनकी खरीदी हुई संपत्ति है।
UP NEWS: इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
घटना की जानकारी मिलते ही भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और बसपा के कार्यकर्ता भी गांव पहुंच गए, जिससे तनाव और बढ़ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रशेखर आजाद को रास्ते में रोका गया
वहीं चंद्रशेखर आजाद को गांव जाने से पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
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