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SP अंशिका वर्मा को सैल्यूट नहीं करने पर कॉन्स्टेबल को मिली अनोखी सजा! विभाग में चर्चा तेज

IPS अंशिका वर्मा कौन

UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में तैनात एसपी साउथ आंशिका वर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला एक नए कॉन्स्टेबल द्वारा सैल्यूट नहीं करने पर उसे अतिरिक्त प्रशिक्षण के लिए रिजर्व पुलिस लाइन भेजे जाने से जुड़ा है। घटना आंवला थाने के निरीक्षण के दौरान की बताई जा रही है, जिसके बाद पुलिस विभाग में अनुशासन और प्रशिक्षण व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

निरीक्षण के दौरान हुआ मामला

जानकारी के मुताबिक, एसपी साउथ आंशिका वर्मा हाल ही में आंवला थाने के औचक निरीक्षण पर पहुंची थीं। उस समय थाने में कई पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद थे। थाना परिसर के मुख्य गेट पर नए नियुक्त आरक्षी परम सिंह की ड्यूटी लगी हुई थी। बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान कॉन्स्टेबल ने एसपी को सैल्यूट नहीं किया। इसे पुलिस अनुशासन से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद कॉन्स्टेबल को 15 दिनों के लिए रिजर्व पुलिस लाइन भेजकर विशेष प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश जारी किए गए।

UP News: थाना प्रभारी से भी पूछे गए सवाल

सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद थाना प्रभारी से भी जवाब मांगा गया कि नए पुलिसकर्मियों को विभागीय अनुशासन, वरिष्ठ अधिकारियों के प्रोटोकॉल और व्यवहार संबंधी प्रशिक्षण पर्याप्त रूप से क्यों नहीं दिया गया। वहीं, आरक्षी परम सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि उस समय एसपी साउथ वर्दी में नहीं थीं, जिसकी वजह से वह उन्हें पहचान नहीं सका। उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी।

मामले पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं है, बल्कि नए पुलिसकर्मियों को बेहतर अनुशासन और व्यवहारिक प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया का हिस्सा है। एसपी साउथ आंशिका वर्मा ने भी स्पष्ट किया कि कई बार नए आरक्षियों को औपचारिक व्यवहार, ड्रिल और वरिष्ठ अधिकारियों के प्रोटोकॉल को समझने के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की जरूरत होती है। इसी उद्देश्य से उन्हें रिजर्व पुलिस लाइन भेजा जाता है ताकि वे पुलिस व्यवस्था और अनुशासन को बेहतर तरीके से समझ सकें।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज

वहीं इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है। कुछ लोग इसे पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने की जरूरी कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि नए पुलिसकर्मियों को पहचान संबंधी भ्रम की स्थिति में इतनी सख्त कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए थी। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और नए जवानों को शुरुआत से ही नियमों और प्रोटोकॉल की जानकारी होना आवश्यक है।

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