Prateek Yadav Funeral: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा लखनऊ में शुरू हो चुकी है। अंतिम यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में समर्थक मौजूद हैं, जो लगातार “प्रतीक यादव अमर रहे” के नारे लगा रहे हैं। माहौल पूरी तरह भावुक बना हुआ है और लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े हैं। शिवपाल यादव के बेटे आदित्य ने परंपरा के अनुसार शव को कंधा दिया। घर के पास स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के पास कुछ समय के लिए शव को जमीन पर रखा गया, क्योंकि धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार अंतिम संस्कार से पहले शव को पांच बार भूमि पर रखा जाता है।

1090 चौराहे तक पहुंची शव यात्रा
लखनऊ में निकली यह अंतिम यात्रा अब लगभग 2 किलोमीटर का सफर तय कर 1090 चौराहे तक पहुंच चुकी है। पूरे मार्ग में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हाईवे की दूसरी लेन से गुजर रहे लोग भी अपनी गाड़ियां रोककर अंतिम दर्शन कर रहे हैं। सड़कें समर्थकों और शुभचिंतकों से भर गई हैं, जो लगातार श्रद्धांजलि दे रहे हैं। यात्रा का माहौल बेहद भावुक और शांतिपूर्ण बना हुआ है।
प्रतीक यादव को पशु प्रेमी के रूप में भी जाना जाता था। इसी भावना को दर्शाते हुए उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने शव वाहन पर उनके पालतू कुत्तों और बंदर के साथ लगी तस्वीर भी लगवाई है। अपर्णा अपनी दोनों बेटियों के साथ श्मशान घाट की ओर जा रही हैं। उनके साथ जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि भी मौजूद हैं, जो परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

बैकुंठ धाम में अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी
लखनऊ से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित बैकुंठ धाम में अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी कर ली गई है। परिवार और करीबी रिश्तेदार लगातार वहां पहुंच रहे हैं। अंतिम यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, परिवार के सदस्य भी श्मशान घाट की ओर बढ़ रहे हैं। इस दौरान अखिलेश यादव और शिवपाल यादव भी जल्द ही श्मशान घाट पहुंचने वाले हैं, जबकि उनके बेटे अर्जुन पहले ही वहां पहुंच चुके हैं।
Prateek Yadav Funeral: नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सुबह घर पर शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, जहां बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान कई बड़े नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनमें उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शामिल रहे। इसके अलावा शिवपाल यादव और डिंपल यादव ने भी अंतिम दर्शन किए। रातभर अपर्णा यादव अपनी दोनों बेटियों के साथ शव के पास बैठी रहीं, जिससे माहौल और भी भावुक हो गया।
निधन का कारण और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
प्रतीक यादव का निधन बुधवार सुबह करीब 6 बजे 38 वर्ष की उम्र में हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण कार्डिएक अरेस्ट बताया गया है। हालांकि शरीर पर छह चोटों के निशान भी पाए गए हैं, जिनमें से तीन चोटें लगभग सात दिन पुरानी और तीन चोटें एक दिन पुरानी बताई गई हैं। इन सभी तथ्यों को देखते हुए उनका विसरा सुरक्षित रख लिया गया है ताकि आगे जांच की जा सके।
गंभीर बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं
डॉक्टरों के अनुसार प्रतीक यादव पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे, जिसमें फेफड़ों में खून का थक्का जम जाता है और रक्त संचार बाधित हो जाता है। पिछले 13 दिनों में उन्हें दो बार हार्ट अटैक आया था। इससे पहले 30 अप्रैल को लखनऊ एयरपोर्ट पर चलते-चलते वे अचानक गिर पड़े थे, जिसके बाद डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की पुष्टि की थी और उनका इलाज किया गया था।
शिक्षा, परिवार और निजी जीवन
प्रतीक यादव का जन्म 1987 में हुआ था। वे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के पुत्र थे। उनकी मां साधना गुप्ता की पहली शादी चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी, जिसके बाद बाद में उनका संबंध मुलायम सिंह यादव से जुड़ा। 2003 में मुलायम सिंह ने साधना गुप्ता से विवाह किया और प्रतीक को सार्वजनिक रूप से पुत्र का दर्जा दिया गया।
शिक्षा और करियर का सफर
प्रतीक यादव ने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। वे राजनीति से दूर रहे और उनका झुकाव व्यवसाय की ओर रहा। उन्होंने रियल एस्टेट और फिटनेस के क्षेत्र में काम किया। उन्हें महंगी कारों और सुपरबाइक्स का शौक था। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी और उनकी पत्नी अपर्णा यादव की कुल संपत्ति लगभग 23 करोड़ रुपये बताई गई थी।
वैवाहिक जीवन और हाल की घटनाएं
प्रतीक यादव ने लगभग 14 साल पहले अपर्णा यादव से प्रेम विवाह किया था। दोनों की दो बेटियां हैं। हाल ही में 19 जनवरी को उन्होंने अचानक तलाक की घोषणा करते हुए कहा था कि अपर्णा ने उनकी जिंदगी मुश्किल बना दी है, हालांकि नौ दिनों बाद दोनों के बीच सुलह हो गई थी। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर “All is Good” लिखकर अपनी तस्वीर भी साझा की थी।
अंतिम यात्रा में भावुक माहौल जारी
लखनऊ की सड़कों पर चल रही अंतिम यात्रा में हजारों लोग लगातार शामिल हो रहे हैं। जैसे-जैसे शव यात्रा आगे बढ़ रही है, माहौल और भी भावुक होता जा रहा है। समर्थक पूरे रास्ते श्रद्धांजलि दे रहे हैं और अंतिम विदाई दे रहे हैं, जबकि परिवार के सदस्य बैकुंठ धाम की ओर बढ़ रहे हैं, जहां जल्द ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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