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26 मई को केरल पहुंचेगा मानसून: यूपी में आंधी-बारिश से 111 मौतें, इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान

Monsoon Update:
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Monsoon Update: India Meteorological Department (IMD) ने शुक्रवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस साल 26 मई को केरल पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल में दस्तक देता है, लेकिन इस बार इसके समय से पहले पहुंचने की संभावना जताई गई है। पिछले साल मानसून 24 मई को केरल पहुंचा था। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून केरल पहुंचने के बाद धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा।

2025 में सामान्य से 8% ज्यादा हुई थी बारिश

IMD के अनुसार, साल 2025 में देशभर में सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी। 30 सितंबर 2025 तक पूरे देश में 937.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। IMD प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने पिछले मानसून सीजन को बेहद सफल बताया था।

Monsoon Update: यूपी में आंधी-बारिश से भारी तबाही

उधर, उत्तर प्रदेश में बुधवार को तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई। राज्य में 111 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 21 मौतें प्रयागराज में और 17 मौतें भदोही में दर्ज की गईं। कई जिलों में पेड़ गिरने, बिजली गिरने और मकान ढहने की घटनाएं सामने आईं। रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भी इस हादसे पर दुख जताया है।

Monsoon Update: इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान

निजी मौसम एजेंसी Skymet Weather ने इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान जताया है। एजेंसी के मुताबिक जून से सितंबर तक मानसून सीजन में सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश हो सकती है। देश में मानसून का सामान्य औसत 868.6 मिलीमीटर माना जाता है। स्काईमेट ने इस साल 94% बारिश का अनुमान जारी किया है, जिसे सामान्य से कम श्रेणी में रखा जाता है।

जुलाई से घट सकती है बारिश

एजेंसी के अनुसार जून में सामान्य बारिश हो सकती है, लेकिन जुलाई से बारिश में गिरावट शुरू होने की संभावना है। अगस्त और सितंबर में मानसून कमजोर पड़ सकता है।

  • जून में सामान्य से 101% बारिश का अनुमान
  • जुलाई में 95% बारिश की संभावना
  • अगस्त में 92% बारिश का अनुमान
  • सितंबर में सिर्फ 89% बारिश होने की संभावना

विशेषज्ञों के मुताबिक मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में अगस्त-सितंबर के दौरान सामान्य से कम बारिश हो सकती है।

क्या होता है LPA?

मौसम विभाग मानसून की स्थिति तय करने के लिए लॉन्ग पीरियड एवरेज यानी LPA का इस्तेमाल करता है।1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर दक्षिण-पश्चिम मानसून का LPA 87 सेंटीमीटर यानी 870 मिलीमीटर तय किया गया है। अगर किसी साल बारिश इससे ज्यादा होती है तो उसे सामान्य से अधिक मानसून माना जाता है, जबकि कम बारिश को कमजोर मानसून कहा जाता है।

देश के कई हिस्से हीटवेव की चपेट में

देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर जारी है। महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। महाराष्ट्र का अकोला 45.9°C के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा। राजस्थान के फलोदी में 45.2°C और जैसलमेर-बाड़मेर में 45.1°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। मध्य प्रदेश के खंडवा में 44.5°C और उत्तर प्रदेश के बांदा में 45.2°C तापमान दर्ज हुआ। हालांकि जयपुर, बीकानेर और नागौर में शाम को बारिश होने से लोगों को कुछ राहत मिली।

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