USA- IRAN WAR: बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हुई फोन बातचीत के बाद मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेताओं ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर चर्चा की है।
रिपोर्ट के अनुसार, यदि ईरान के खिलाफ संघर्ष दोबारा शुरू होता है तो अमेरिका और इजरायल संयुक्त रूप से कार्रवाई कर सकते हैं। बातचीत के तुरंत बाद नेतन्याहू ने अपने मंत्रिमंडल की आपात बैठक भी बुलाई, जिसमें सुरक्षा और क्षेत्रीय संघर्षों की समीक्षा की गई।
ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को लेकर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि “ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है” और उसे जल्द फैसला लेना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता तो उसे “बहुत बुरे हालात” का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने एक एआई जनरेटेड तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह अमेरिकी नौसेना के एक अधिकारी के साथ दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर पर लिखा था- “तूफान से पहले का सन्नाटा”, जिसे लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
USA- IRAN WAR: पहले भी हो चुका है सैन्य संघर्ष
गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे। इसके बाद लगभग 40 दिनों तक संघर्ष चला और फिर अप्रैल में युद्धविराम पर सहमति बनी थी। युद्धविराम के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। पिछले कुछ हफ्तों में दोनों पक्षों के बीच कई प्रस्तावों का आदान-प्रदान हुआ है, हालांकि तनाव अब भी बरकरार है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
इजरायल और अमेरिका की संभावित संयुक्त कार्रवाई की खबरों ने पूरे मध्य पूर्व में नई चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है।
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