PM Modi In Sweden: पांच देशों के दौरे के दौरान स्वीडन की सफल यात्रा का तीसरा चरण पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे के अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने इस नॉर्डिक देश की यात्रा के छह महत्वपूर्ण परिणामों की सूची जारी की। विदेश मंत्रालय द्वारा बताया गया पहला नतीजा है, ‘भारत-स्वीडन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाना’, यानी एक ‘संयुक्त बयान’ और ‘संयुक्त कार्य योजना (2026-2030)’ को अपनाना। यह कदम आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज से दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाता है और चार मुख्य स्तंभों के तहत सहयोग को आगे बढ़ाता है।
सुरक्षा के लिए रणनीतिक संवाद
इनमें स्थिरता और सुरक्षा के लिए रणनीतिक संवाद, अगली पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी, उभरती तकनीकें और भरोसेमंद कनेक्टिविटी, तथा ‘कल को मिलकर संवारना’ शामिल हैं। इसके साथ ही यह आर्थिक, तकनीकी, कनेक्टिविटी और स्थिरता से जुड़े क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करेगा। पीएम मोदी की स्वीडन यात्रा का दूसरा मुख्य नतीजा है, ‘भारत-स्वीडन संयुक्त इनोवेशन पार्टनरशिप 2.0’ की शुरुआत। इसके तहत एक वर्चुअल भारत-स्वीडन संयुक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (आईएसजेएसटीसी) स्थापित किया जाएगा। साथ ही एआई, 6जी, क्वांटम कंप्यूटिंग, सस्टेनेबल माइनिंग, महत्वपूर्ण खनिजों, अंतरिक्ष और जीवन विज्ञान जैसी उभरती तकनीकों में सहयोग को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी और एनर्जी स्टोरेज, एनर्जी ट्रांसमिशन, स्मार्ट ग्रिड तकनीकों, स्मार्ट शहरों और मजबूत जल प्रणालियों में मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।
PM Modi In Sweden: सफल यात्रा का परिणाम क्या?
पीएम मोदी की सफल यात्रा का तीसरा मुख्य परिणाम है, ‘भारत-स्वीडन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर (एसआईटीएसी) को संयुक्त रूप से विकसित करने का समर्थन’। इसका उद्देश्य भविष्य उन्मुख एआई साझेदारी को मजबूत करना, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इनोवेशन और डिजिटल बदलाव के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना तथा उन्नत तकनीकों में उद्योग, स्टार्टअप और अनुसंधान से जुड़ी साझेदारियों को और गहरा करना है। पीएम मोदी की स्वीडन यात्रा का चौथा नतीजा है, ‘अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय आर्थिक आदान-प्रदान, व्यापार और निवेश को दोगुना करना’। इसका उद्देश्य व्यापार और उद्योग के लिए नए अवसर पैदा करना, ‘मेक इन इंडिया’ पहल को आगे बढ़ाना, व्यापार सुविधा और फास्ट ट्रैक तंत्र को मजबूत करना तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों पर नियमित बातचीत जारी रखना है। पीएम मोदी की स्वीडन यात्रा का पांचवां नतीजा है, ‘भारत-स्वीडन एसएमई और स्टार्टअप प्लेटफॉर्म का विकास’। इसका उद्देश्य स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को बढ़ावा देना तथा भारत और स्वीडन में, खासकर युवाओं के लिए, रोजगार के अधिक अवसर पैदा करना है, जिससे दोनों देशों के बीच साझेदारी और मजबूत होगी। पीएम मोदी की स्वीडन यात्रा का छठा परिणाम ‘विकास भी, विरासत भी’ के अंतर्गत ‘टैगोर-स्वीडन’ व्याख्यान शृंखला की शुरुआत है।
My visit to Sweden was marked by several important outcomes that will add new momentum to India-Sweden relations.
From elevating our ties to a Strategic Partnership, launching the Joint Innovation Partnership 2.0 and the India-Sweden Technology and Artificial Intelligence… pic.twitter.com/KhzfaXbSey
— Narendra Modi (@narendramodi) May 18, 2026
इसका उद्देश्य भारत और स्वीडन के बीच सांस्कृतिक और बौद्धिक जुड़ाव को मजबूत करना है। यह भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ को बढ़ावा देने के साथ-साथ दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों को भी प्रोत्साहित करेगा। इससे पहले रविवार को पीएम मोदी, उनके स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने प्रतिष्ठित मंच ‘यूरोपियन राउंडटेबल फॉर इंडस्ट्री’ को संबोधित किया। पीएम मोदी और क्रिस्टर्सन ने भारत और स्वीडन के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता भी की।








