NEET UG Paper Leak: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में Central Bureau of Investigation ने सोमवार को 10वीं गिरफ्तारी की। जांच एजेंसी ने Latur से केमिस्ट्री कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। CBI के मुताबिक मोटेगांवकर संगठित पेपर लीक गिरोह का हिस्सा था और उसने 23 अप्रैल को ही प्रश्नपत्र और आंसर की हासिल कर कई लोगों तक पहुंचाई थी।
मोबाइल से मिला लीक पेपर
जांच एजेंसी ने रविवार को छापेमारी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से कथित तौर पर NEET-UG का लीक पेपर बरामद किया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। CBI ने बताया कि आरोपी को दिल्ली कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 9 दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया गया।
NEET UG Paper Leak: 7 जिलों में फैला कोचिंग नेटवर्क
शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के कई जिलों में ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC)’ नाम से कोचिंग नेटवर्क चलाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नेटवर्क का सालाना टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। CBI ने RCC के मुख्य कार्यालय पर छापा मारकर कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
NEET UG Paper Leak: ‘मॉक टेस्ट के सवाल ही एग्जाम में आए’
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मोटेगांवकर अपनी कोचिंग की छात्राओं से परीक्षा पर चर्चा करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में एक छात्रा कहती सुनाई दे रही है कि “मॉक टेस्ट में दिए गए सभी सवाल असली एग्जाम में आए थे।” इस वीडियो के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों का शक और गहरा गया है।
बड़े नेटवर्क की जांच में जुटी CBI
जांच एजेंसी अब विवेक पाटिल नाम के व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसे कथित तौर पर शिवराज की गैंग ने लीक पेपर उपलब्ध कराया था। CBI को शक है कि इस पूरे नेटवर्क में बड़े कोचिंग माफिया और NTA से जुड़े कुछ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
इस मामले में अब तक कुल 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें से 6 आरोपी महाराष्ट्र से हैं। इससे पहले पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी, बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे और ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया है कि कुछ आरोपियों ने छात्रों को स्पेशल क्लास के जरिए वही सवाल और जवाब बताए थे, जो बाद में परीक्षा में पूछे गए।
3 मई को हुई थी परीक्षा, 12 मई को रद्द
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। 7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी सामने आने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। अब दोबारा परीक्षा कराने की तैयारी चल रही है।
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