PM Modi Norway Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के तहत सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पहुंचे। यहां उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने साफ कहा कि यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया का संकट, स्थायी शांति केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है, सैन्य कार्रवाई इसका समाधान नहीं हो सकती।
वैश्विक संस्थानों में सुधार पर जोर
ओस्लो में आयोजित संयुक्त संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था, शांति और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश दुनिया में बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार की जरूरत पर सहमत हैं। आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ना भी दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है।
PM Modi Norway Visit: पहलगाम हमले पर नॉर्वे का किया धन्यवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के समर्थन में मजबूती से खड़े होने के लिए नॉर्वे का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उस मुश्किल समय में नॉर्वे ने सच्चे मित्र की तरह भारत का साथ दिया। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि पहलगाम हमले की वजह से उन्हें अपनी पिछली नॉर्वे यात्रा स्थगित करनी पड़ी थी।
PM Modi Norway Visit: हिंद-प्रशांत पहल में नॉर्वे की एंट्री
इस दौरान पीएम मोदी ने भारत की ‘हिंद-प्रशांत महासागर पहल’ में नॉर्वे के शामिल होने के फैसले की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कदम दोनों countries के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।
नॉर्वे के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए पीएम मोदी
नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान नॉर्वे के हितों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में विशेष योगदान देने वालों को दिया जाता है। पीएम मोदी को मिला यह 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
स्वीडन में भी मिला था बड़ा सम्मान
इससे पहले स्वीडन में भी प्रधानमंत्री मोदी को ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊंचाई देने और वैश्विक नेतृत्व के लिए दिया गया।
43 साल बाद किसी भारतीय पीएम की नॉर्वे यात्रा
PM Modi Norway Visit: करीब 43 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली नॉर्वे यात्रा मानी जा रही है। पीएम मोदी का यह दौरा भारत और नॉर्डिक देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
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