Energy crisis: चंडीगढ़ में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सेक्टर-17 स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल खरीदने की लिमिट तय करने वाले पोस्टर लगा दिए गए। पोस्टर में दोपहिया वाहनों के लिए 500 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 1500 रुपये तक ही ईंधन देने की बात लिखी गई थी। इसके बाद शहरभर में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह तेजी से फैलने लगी।
प्रशासन तुरंत आया एक्शन में
मामले की जानकारी मिलते ही चंडीगढ़ प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने पेट्रोल पंप मालिक से बातचीत कर पोस्टर तुरंत हटवाए। इसके साथ ही चंडीगढ़ DC की ओर से बयान जारी कर साफ किया गया कि शहर में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।
Energy crisis: क्यों लगाए गए थे लिमिट वाले पोस्टर?
जानकारी के मुताबिक, संबंधित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक सीमित बचा था और नई सप्लाई पहुंचने में देरी हो रही थी। ऐसे में कर्मचारियों ने यह सोचकर लिमिट तय कर दी कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ईंधन मिल सके और कोई खाली वापस न जाए। हालांकि, कर्मचारियों के इस फैसले से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई और कुछ ही देर में पूरे शहर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की चर्चा शुरू हो गई।
पेट्रोल पंप मालिक ने मांगी माफी
Energy crisis: विवाद बढ़ने के बाद पेट्रोल पंप मालिक ने इस पूरे मामले पर माफी मांगी। वहीं प्रशासन की सफाई आने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। फिलहाल चंडीगढ़ में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है।
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