LPG Consumed India: पश्चिम एशिया में जंग जैसे हालात हैं… होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव चरम पर है… और दुनिया भर को डर है कि कहीं तेल और गैस की सप्लाई रुक न जाए।ऐसे माहौल में भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है।20 हज़ार टन एलपीजी LPG लेकर सिमी नाम का विशाल गैस टैंकर सुरक्षित गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल पोर्ट पर पहुंच गया है।
लेकिन असली सवाल यह है कि…
इतनी गैस से भारत कितने दिन चल जाएगा?
सुनने में 20,000 टन LPG बहुत बड़ी मात्रा लगती है।लेकिन जब बात भारत जैसे 140 करोड़ लोगों वाले देश की हो… तो ये आंकड़ा अचानक बेहद छोटा लगने लगता है। जवाब सुनकर चौंक जाएंगे!
इतनी गैस से भारत का काम सिर्फ 8 घंटे चल सकता है! यानी…सुबह पहुंची गैस… और शाम तक लगभग खत्म!
LPG Consumed India: क्यों इतनी जल्दी खत्म हो जाती है LPG?
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता देश है।हर दिन करोड़ों घरों में चूल्हे जलते हैं।होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, फैक्ट्रियां और छोटे-बड़े उद्योग लगातार LPG का इस्तेमाल करते हैं।इसलिए 20,000 टन जैसी भारी खेप भी भारत के लिए सिर्फ कुछ घंटों की खुराक साबित होती है। आंकड़ों की भाषा में समझिए भारत की औसत दैनिक LPG खपत लगभग 55,000 से 60,000 टन के आसपास मानी जाती है।ऐसे में:कुल खेप: 20,000 टन दैनिक खपत: ~60,000 टन उपलब्धता: लगभग एक-तिहाई दिन यानी कुल मिलाकर सिर्फ 8 घंटे!
LPG Consumed India: होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।यदि यहां तनाव बढ़ता है या मार्ग बाधित होता है, तो:कच्चे तेल की कीमतें उछल सकती हैंLPG की सप्लाई प्रभावित हो सकती है
भारत में गैस और ईंधन महंगे हो सकते है ‘सिमी’ टैंकर की बहादुर यात्रा इस जहाज ने 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार किया।जहाज पर कुल 21 क्रू सदस्य थे:8 यूक्रेनी नागरिक 13 फिलिपीनी नागरिक
इनकी सतर्कता और साहस से यह महत्वपूर्ण खेप सुरक्षित भारत पहुंच सकी।
भारत के लिए क्या है इसका मतलब?
यह खेप भले ही केवल कुछ घंटों की जरूरत पूरी करती हो, लेकिन इसका महत्व बहुत बड़ा है।भारत की ऊर्जा सप्लाई फिलहाल स्थिर है सरकार लगातार आयात सुनिश्चित कर रही है वैश्विक संकट के बावजूद देश की ऊर्जा सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है 20 हज़ार टन LPG सुनने में पहाड़ जैसी मात्रा लगती है…लेकिन भारत की भूख इतनी बड़ी है कि यह पहाड़ भी कुछ घंटों में पिघल जाता है।जिस देश में करोड़ों चूल्हे हर रोज जलते हों, वहां 20,000 टन गैस भी सिर्फ 8 घंटे की मेहमान होती है!
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