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सास को अंतिम विदाई देने आया दामाद… कैसे नदी किनारे बन गया मगरमच्छ का शिकार?

Uttar Pradesh: सास को अंतिम विदाई देने आया दामाद… कैसे नदी किनारे बन गया मगरमच्छ का शिकार?

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के गोंडा से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। जिस दामाद ने अपनी सास के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई थी, वही कुछ पल बाद सरयू नदी के किनारे मौत का शिकार हो गया। परिवार की आंखों के सामने मगरमच्छ उसे नदी के अंदर खींच ले गया और लोग सिर्फ चीखते-चिल्लाते रह गए।

कैंसर से हुई थी सास की मौत, अंतिम संस्कार में शामिल होने नोएडा से आया था दामाद

डीहा गांव के रहने वाले 70 वर्षीय बाबूलाल वर्मा के परिवार पर पहले ही दुखों का पहाड़ टूटा हुआ था। बेटे की मौत के बाद घर में उनकी बहू उर्मिला ही थीं, लेकिन कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद मंगलवार को उनकी भी मौत हो गई। उर्मिला की बेटी रेखा की शादी पांच साल पहले ग्रेटर नोएडा में रहने वाले दीपक से हुई थी। दीपक अपनी पत्नी और चार साल की बेटी के साथ सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने गोंडा आया था।किसे पता था कि जिस घाट पर वह अपनी सास को अंतिम विदाई देने पहुंचा है, वहीं उसकी जिंदगी का भी आखिरी पड़ाव बन जाएगा।

Uttar Pradesh: चिता सजाने के लिए खोद रहा था गड्ढा… तभी घात लगाए बैठा था मगरमच्छ

बुधवार दोपहर करीब 12 बजे परिवार के लोग सरयू नदी के किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। दीपक चिता सजाने के लिए खूंटा गाड़ रहा था और गड्ढा खोदने में लगा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्थानीय लोगों ने उसे पहले ही चेतावनी दी थी कि उस इलाके में मगरमच्छ दिखाई देते हैं, इसलिए नदी के बेहद पास न जाए।लेकिन काम खत्म करने के बाद जैसे ही दीपक हाथ धोने के लिए नदी किनारे झुका, पानी के भीतर छिपा मगरमच्छ अचानक बाहर निकला।मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक मगरमच्छ ने सीधे दीपक के सिर पर हमला किया। उसने सिर को अपने जबड़े में दबोचा और कुछ ही सेकंड में उसे पानी के अंदर खींच ले गया। घाट पर मौजूद लोग चीखते रहे, दौड़ते रहे, लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई कि नदी में कूदकर उसे बचा सके।एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने दीपक को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन मगरमच्छ की ताकत इतनी ज्यादा थी कि वह खुद भी पानी में गिर पड़ा। कुछ ही पलों में नदी शांत हो गई… और दीपक आंखों के सामने गायब हो चुका था।अपनी जान देने के लिए पानी में कौन कूदता? दादा ससुर का बयान सुन हर कोई हो गया भावुक घटना के बाद दीपक के दादा ससुर बाबूलाल का दर्द छलक पड़ा। कांपती आवाज में उन्होंने कहा—हमारी बहू की मौत हो गई थी। रिश्तेदार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इतने में मगरमच्छ आया और दामाद को खींच ले गया। किसी ने बचाने की कोशिश नहीं की… लेकिन अपनी जान देने के लिए पानी में कौन कूदता?यह सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। एक ही परिवार ने कुछ घंटों के भीतर दो-दो अपनों को खो दिया।

Uttar Pradesh: पुलिस, गोताखोर और SDRF की तलाश जारी

घटना की सूचना मिलते ही SDRF को बुलाया गया। स्थानीय पुलिस, गोताखोर और नाविकों ने घंटों तक नदी में तलाश अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक दीपक का कोई सुराग नहीं मिला।
एसडीएम तरबगंज भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रशासन का कहना है कि शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा और परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अगर शव नहीं मिलता, तब भी शासन से विशेष अनुमति लेकर मदद दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।सरयू किनारे पसरा मातम… पत्नी और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल जिस दीपक ने अपनी सास को कंधा देने के लिए नोएडा से गोंडा तक का सफर तय किया था, उसकी पत्नी ने कभी नहीं सोचा होगा कि कुछ ही घंटों बाद वही अपने पति के लिए रोती नजर आएगी। घाट पर उसकी चार साल की मासूम बेटी बार-बार सिर्फ एक ही सवाल पूछ रही थीपापा कहां गए?लेकिन उस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था… क्योंकि सरयू की लहरें उस दिन एक पूरा परिवार अपने साथ बहा ले गई थीं।

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