Home » उत्तर प्रदेश » दिन-रात की मेहनत, संघर्ष और जुनून… कैसे ‘खबर इंडिया’ बना लाखों लोगों की आवाज

दिन-रात की मेहनत, संघर्ष और जुनून… कैसे ‘खबर इंडिया’ बना लाखों लोगों की आवाज

Khabar India

Khabar India: ज़मीन पर बैठकर क्यों आसमान देखा जाए, टूटे हुए सपनों को फिर से जवान देखा जाए। जिसके हिस्से में संघर्ष लिखा होता है, उसी के हाथों में एक दिन पहचान देखा जाए… ये लाइने वर्तमान समय में खबर इंडिया के CEO सुशील चौधरी पर पूरी तरह से सटीक बैठती है। दरअसल, मथुरा की गलियों से निकलकर नोएडा की फिल्म सिटी तक का सफर आसान नहीं था। लेकिन मेहनत, संघर्ष और लगातार आगे बढ़ने की जिद ने सुशील चौधरी को वो पहचान दिलाई, जिसे आज लोग खबर इंडिया के नाम से जानते हैं। यहीं कारण है कि आज खबर इंडिया को YouTube, Facebook, वेबसाइट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाखों लोग फॉलो करते हैं।

छोटे शहर से बड़े सपनों तक

उत्तर प्रदेश के मथुरा में जन्मे सुशील चौधरी ने सरकारी स्कूलों से पढ़ाई की। साधारण परिवार और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने हमेशा कुछ बड़ा करने का सपना देखा। हिंदी विषय में B.A. और M.A. करने के दौरान ही उनके भीतर पत्रकारिता को लेकर जुनून पैदा हुआ। सपनों को दिशा देने के लिए वे दिल्ली पहुंचे और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। यहीं से शुरू हुआ संघर्ष, मेहनत और सीख का असली दौर।

Khabar India: हर क्षेत्र में अनुभव किया हासिल

साल 2007 में उन्होंने TV100, दिल्ली से मीडिया करियर की शुरुआत की। शुरुआत में पोस्ट प्रोडक्शन, वीडियो एडिटिंग और न्यूज़ सपोर्ट जैसे काम किए। कई बार घंटों बिना रुके काम करना पड़ता था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। इसके बाद खोज इंडिया, Voice of India, India News और कई मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने न्यूज़ रूम की हर बारीकी सीखी। PCR ऑपरेशन से लेकर चैनल प्रोडक्शन और ब्रॉडकास्ट मैनेजमेंट तक उन्होंने हर क्षेत्र में अनुभव हासिल किया। उनके करीबियों का कहना है कि सुशील चौधरी ने मीडिया इंडस्ट्री में वह दौर भी देखा जब कई बार काम ज्यादा और पहचान कम मिलती थी, लेकिन उन्होंने संघर्ष को ही अपनी ताकत बना लिया।

2009 से उन्होंने फ्रीलांस मीडिया कार्य शुरू किया। स्टूडियो ऑपरेशन, वीडियो एडिटिंग और टेक्निकल सपोर्ट के जरिए उन्होंने खुद को लगातार मजबूत किया। Aastha Channel और Adda247 जैसे बड़े संस्थानों में काम करने के दौरान उन्हें डिजिटल मीडिया की ताकत का एहसास हुआ। यहीं से उनके मन में एक ऐसे न्यूज़ प्लेटफॉर्म का विचार आया जो सीधे जनता की आवाज बने।

कैसे हुई खबर इंडिया की शुरुआत?

साल 2018 में सुशील चौधरी ने खबर इंडिया की स्थापना की। शुरुआत आसान नहीं थी। सीमित संसाधन, छोटी टीम और लगातार चुनौतियों के बीच उन्होंने दिन-रात मेहनत की। कई बार खुद कैमरा संभाला, खुद एडिटिंग की और खुद ही खबरों को लोगों तक पहुंचाया। लेकिन उनका मकसद साफ था जनता के मुद्दों को बिना दबाव और बिना डर के सामने लाना। धीरे-धीरे खबर इंडिया की ग्राउंड रिपोर्टिंग और राजनीतिक कवरेज लोगों के बीच लोकप्रिय होने लगी।

Khabar India: 2019 चुनाव बना टर्निंग पॉइंट

2019 लोकसभा चुनाव के दौरान खबर इंडिया ने अपनी अलग पहचान बनाई। जनता के मुद्दों को सीधे जमीन से उठाने और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के कारण लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ा। यही वजह है कि आज खबर इंडिया को देशभर में बड़ी संख्या में लोग YouTube, Facebook, वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पसंद करते हैं। दर्शकों का प्यार और भरोसा ही खबर इंडिया की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है।

आज भी जारी है संघर्ष

फिल्म सिटी, नोएडा से संचालित होने वाला खबर इंडिया आज एक मजबूत डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म बन चुका है, लेकिन सुशील चौधरी आज भी अपने संघर्ष के दिनों को नहीं भूले हैं। उनका मानना है कि मीडिया सिर्फ खबर दिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाने की जिम्मेदारी भी है। संघर्ष, मेहनत और लगातार सीखने की चाह ने ही सुशील चौधरी को उस मुकाम तक पहुंचाया जहां आज लाखों लोग खबर इंडिया पर भरोसा करते हैं।

ये भी पढ़े… दुनिया ने माना भारत का दम! PM मोदी को मिला प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’, शिवराज बोले- ‘खाद्य सुरक्षा में भारत बना मिसाल’

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments