Ssc Paper Leak: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यूजी में पेपर लीक के आरोपों के बाद अब कर्मचारी चयन आयोग की जनरल ड्यूटी कांस्टेबल परीक्षा में भी भारी अव्यवस्था सामने आई है। मंगलवार को कई परीक्षा केंद्रों पर एसएससी जीडी कांस्टेबल परीक्षा रद्द कर दी गई। परीक्षा केंद्रों पर क्षमता से अधिक छात्रों की मौजूदगी, सर्वर खराबी और अव्यवस्थित प्रबंधन को लेकर अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई। इस पूरे मामले पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था से बढ़ी परेशानी
जानकारी के अनुसार कई परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की संख्या निर्धारित क्षमता से दोगुनी पहुंच गई, जिसके कारण परीक्षा संचालन में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। कई जगहों पर सर्वर तकनीकी खराबी की शिकायत भी सामने आई। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन परीक्षा शुरू नहीं हो सकी। स्थिति बिगड़ने के बाद आयोग ने कई केंद्रों पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा २५ और २६ मई को रद्द हुई है, उनके लिए दोबारा परीक्षा २७ मई को आयोजित की जाएगी।
Ssc Paper Leak: अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीट और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के बाद अब एसएससी जीडी परीक्षा में भी गड़बड़ियों की खबरें आ रही हैं। उन्होंने लिखा कि कई केंद्रों पर सर्वर खराब हो गया और कई जगह क्षमता से अधिक छात्रों को बुला लिया गया। केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह कैसी सरकार है जो एक परीक्षा भी ठीक तरीके से आयोजित नहीं कर पा रही।
NEET, CBSE Class 12th के बाद अब SSC GD में भी कई जगहों से गड़बड़ियों की खबर आ रही है।
कई जगहों से शिकायत आ रही है कि सर्वर में खराबी आ गई, कई जगह एग्जाम सेंटर पर क्षमता से ज़्यादा बच्चों को बुला लिया गया।
ये किस तरह की सरकार है? जो एक पेपर ठीक से नहीं करा पा रहे? https://t.co/FLLWmBNXTx
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 26, 2026
छात्रों में आक्रोश, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
परीक्षा रद्द होने से छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली। एक छात्रा ने कहा कि जब परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त सीटें नहीं थीं तो छात्रों को बुलाया ही क्यों गया। उसने बताया कि छात्र दूर-दूर से कठिन परिस्थितियों में परीक्षा देने पहुंचे थे। कई छात्र सुबह साढ़े चार बजे घर से निकले थे और सीधे पुस्तकालय से पढ़ाई करके केंद्र पहुंचे थे। छात्रों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को उनकी मेहनत और परेशानियों की कोई चिंता नहीं है।








