Iran US Deal: ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका के साथ संभावित समझौते का शुरुआती ड्राफ्ट तैयार हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक ईरानी सरकारी मीडिया ने एक अनौपचारिक दस्तावेज मिलने की बात कही है, जिसमें दोनों देशों के बीच संभावित समझौते की रूपरेखा तैयार की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, समझौते के तहत अमेरिका ईरान के आसपास अपनी सैन्य मौजूदगी कम करेगा और नौसैनिक घेराबंदी हटाएगा। इसके बदले ईरान 30 दिनों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही को युद्ध से पहले के स्तर पर बहाल करेगा।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान-ओमान की निगरानी
ड्राफ्ट के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की निगरानी और प्रबंधन ईरान और ओमान मिलकर करेंगे। हालांकि यह व्यवस्था अमेरिकी सैन्य जहाजों पर लागू नहीं होगी। ईरानी मीडिया ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट अभी अंतिम नहीं है और बिना ठोस सुरक्षा गारंटी के ईरान आगे नहीं बढ़ेगा। अमेरिका की तरफ से फिलहाल इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
Iran US Deal: अमेरिकी ड्रोन पर कार्रवाई का दावा
ईरान ने दावा किया कि उसकी सेना ने अमेरिकी MQ-9B और RQ-4 ड्रोन को निशाना बनाया। साथ ही ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसे F-35 लड़ाकू विमान पर भी फायरिंग की गई। वहीं अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास बारूदी सुरंग बिछाने वाली ईरानी बोट्स और बंदर अब्बास के मिसाइल ठिकानों पर हमले की पुष्टि की है। अमेरिकी सेंटकॉम ने इसे आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया।
Iran US Deal: 88 दिन बाद इंटरनेट बहाल
ईरान में 88 दिनों बाद इंटरनेट सेवाएं आंशिक रूप से बहाल हुई हैं। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks ने इसे आधुनिक इतिहास का सबसे लंबा राष्ट्रीय इंटरनेट ब्लैकआउट बताया। इस लंबे प्रतिबंध के कारण कारोबार, बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई थीं।
इजराइल-हिजबुल्लाह संघर्ष भी तेज
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रक्षा अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की। इस दौरान लेबनान सीमा की स्थिति और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमलों को लेकर चर्चा हुई। इजराइली सेना ने दावा किया कि उसने पिछले 24 घंटे में हिजबुल्लाह के 150 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। साथ ही दक्षिणी लेबनान के कई शहरों और कस्बों के लोगों को इलाके खाली करने की चेतावनी भी दी गई है।
दक्षिण कोरिया ने लगाया आरोप
दक्षिण कोरिया ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट में कंटेनर शिप HMM Namu पर हमला संभवतः ईरानी एंटी-शिप मिसाइल से किया गया था। सियोल ने मामले की जांच के बाद ईरान के राजदूत को तलब करने का फैसला किया है।
रूस ने ईरान से युद्ध रोकने की अपील की
रूस के सुरक्षा परिषद के डिप्टी सेक्रेटरी अलेक्जेंडर वेंडिक्टोव ने ईरान से क्षेत्र में दोबारा युद्ध न भड़कने देने की अपील की है। ईरानी मीडिया के मुताबिक रूस ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था बनाने की जरूरत पर जोर दिया है।
होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बढ़ी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना (IRGC) ने दावा किया कि पिछले 24 घंटे में उसकी अनुमति से 23 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे हैं। ईरान का कहना है कि स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी उसकी नौसेना की अनुमति से की जा रही है।
UNSC प्रस्ताव पर भी चर्चा
ईरानी एजेंसी मिजान न्यूज के मुताबिक यदि अगले 60 दिनों में अंतिम समझौता हो जाता है, तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाध्यकारी प्रस्ताव के रूप में पेश किया जा सकता है। दोनों देशों के बीच हाईली एनरिच्ड यूरेनियम, प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज ईरानी संपत्तियों जैसे मुद्दों पर अब भी बातचीत जारी है।
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