Bakrid: बकरीद से पहले वाराणसी की प्रसिद्ध बेनियाबाग बकरा मंडी बंद होने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नगर निगम द्वारा मंडी में लगाया गया ताला अब तक नहीं खोला गया है, जिससे दूर-दराज जिलों से पहुंचे सैकड़ों व्यापारी परेशान हैं। कारोबारियों का कहना है कि त्योहार से ठीक पहले मंडी बंद होने से उनका पूरा व्यापार प्रभावित हो गया है और लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
भारी पुलिस बल के बीच मंडी खाली कराई गई
सोमवार को नगर निगम की टीम ने एसीपी दशाश्वमेध और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बेनियाबाग बकरा मंडी को खाली कराया था। व्यापारियों को करीब एक घंटे का समय देकर बाहर कर दिया गया और इसके बाद मंडी परिसर में ताला लगा दिया गया। बताया जा रहा है कि मंडी संचालन के लिए स्मार्ट सिटी की ओर से 10 दिनों का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन बाद में नगर निगम ने उसे निरस्त करते हुए मंडी बंद करवा दी। व्यापारियों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के अचानक कार्रवाई की गई।
Bakrid: कई जिलों से पहुंचे व्यापारी परेशान
बेनियाबाग की बकरा मंडी पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडियों में गिनी जाती है। यहां सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, इटावा, मैनपुरी, प्रयागराज, गोरखपुर, जौनपुर और अन्य जिलों से व्यापारी पहुंचते हैं। व्यापारी शमीम ने बताया कि उन्होंने लगभग 22 से 24 लाख रुपये में मंडी का ठेका लिया था। उनका कहना है कि नगर निगम ने बिना नोटिस दिए कार्रवाई कर दी। वहीं इटावा से 65 बकरे लेकर पहुंचे व्यापारी संजय कुमार ने कहा कि वह पिछले 10 वर्षों से यहां व्यापार कर रहे हैं, लेकिन पहली बार ऐसी स्थिति देखने को मिली है।
बकरीद को लेकर सरकार अलर्ट
मामले में नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रशासन के अलग-अलग तर्क सामने आए हैं। मेयर अशोक तिवारी ने इसे स्मार्ट सिटी का मामला बताया, जबकि नगर आयुक्त ने मंडी में गंदगी और तय मानकों की अनदेखी को कार्रवाई का कारण बताया है। इधर, बकरीद (Bakrid) को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार भी अलर्ट मोड पर है। सरकार ने प्रदेशभर में अवैध पशु वध रोकने के लिए सभी वैध पशु वधशालाओं के विशेष निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों को त्वरित टीमें गठित कर निगरानी बढ़ाने और निर्धारित क्षमता के अनुसार ही पशु वध सुनिश्चित कराने को कहा गया है।








