AIADMK Resignation: तमिलनाडु की राजनीति में एआईएडीएमके को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद ए. एलवरसन ने एआईएडीएमके की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से वरिष्ठ नेताओं और समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनके इस कदम से पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है।
42 वर्षों तक पार्टी की सेवा का दावा
ए. एलवरसन ने पार्टी महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को भेजे अपने इस्तीफा पत्र में कहा कि वह वर्ष 1983 से एआईएडीएमके से जुड़े हुए थे और पिछले 42 वर्षों से विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के निधन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने बड़े विश्वास के साथ वर्तमान नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन समय के साथ यह भरोसा कमजोर होता चला गया। उनके अनुसार पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और कार्यकर्ताओं से दूर होती गई।
AIADMK Resignation: नेतृत्व के फैसलों पर उठाए सवाल
एलवरसन ने आरोप लगाया कि वर्तमान नेतृत्व के कई निर्णयों ने पार्टी को लगातार कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि मेहनत और निष्ठा की जगह धनबल और नए चेहरों को प्राथमिकता दी गई, जिसका नतीजा लगातार चुनावी हार के रूप में सामने आया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की पराजयों के कारणों पर गंभीर समीक्षा करने के बजाय वरिष्ठ नेताओं की राय को नजरअंदाज किया गया। उनका कहना है कि हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने की संस्कृति संगठन में दिखाई नहीं देती।
गंभीर आरोपों के बीच छोड़ी पार्टी
पूर्व सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में कोई भी नेता यदि हार के कारणों पर सवाल उठाता है तो उसे संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक विरोधियों के समर्थन से सत्ता हासिल करने के प्रयास भी किए गए थे। एलवरसन ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में वह ऐसे नेतृत्व के साथ काम नहीं कर सकते, इसलिए उन्होंने गहरे दुख के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और उप प्रचार सचिव पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।








