Home » मध्य प्रदेश » इंदौर में जुटेंगे ब्रिक्स देश, 5 दिन चलेगा कृषि महाकुंभ; खेती-किसानी के भविष्य पर होगा मंथन: शिवराज

इंदौर में जुटेंगे ब्रिक्स देश, 5 दिन चलेगा कृषि महाकुंभ; खेती-किसानी के भविष्य पर होगा मंथन: शिवराज

MP NEWS: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर 9 से 13 जून तक वैश्विक कृषि कूटनीति का केंद्र बनने जा रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यहां ब्रिक्स देशों के कृषि कार्य समूह और कृषि मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी, जिसमें खेती-किसानी से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर व्यापक मंथन किया जाएगा।

छोटे किसानों पर रहेगा विशेष फोकस

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस बैठक का मुख्य केंद्र लघु और सीमांत किसान होंगे। छोटे किसानों को सीमित संसाधन, छोटी जोत और बाजार तक पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उत्पादन बढ़ाने, लागत घटाने, कृषि ऋण उपलब्ध कराने और बाजार संपर्क मजबूत करने पर विशेष चर्चा होगी।

MP NEWS: वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर बनेगी रणनीति

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ब्रिक्स देशों के पास दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि है और वैश्विक कृषि उत्पादन में भी इनकी हिस्सेदारी 42 प्रतिशत से अधिक है। ऐसे में इन देशों के बीच कृषि सहयोग पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है। बैठक में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को लेकर साझा रणनीति तैयार की जाएगी।

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महिलाओं और युवाओं की भूमिका पर होगी चर्चा

बैठक के दौरान कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भूमिका पर भी विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। 12 जून को “महिलाओं और युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा” विषय पर चर्चा होगी। चौहान ने कहा कि महिलाएं कृषि कार्यबल की महत्वपूर्ण शक्ति हैं, जबकि युवा नई तकनीकों और नवाचारों को तेजी से अपनाने में सक्षम हैं।

MP NEWS: जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर मंथन

ब्रिक्स कृषि कार्य समूह की प्राथमिकताओं में जलवायु अनुकूल और सतत कृषि भी शामिल है। बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर, रीजनरेटिव फार्मिंग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर चर्चा होगी।

कृषि व्यापार और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में कृषि व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और अनुसंधान साझेदारी को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा। सदस्य देशों के बीच आधुनिक कृषि तकनीकों के आदान-प्रदान और नवाचार आधारित खेती को बढ़ावा देने के उपायों पर विचार किया जाएगा।

MP NEWS: खाद्य अपव्यय रोकने पर भी रहेगा जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर वर्ष दुनिया में लगभग एक अरब टन खाद्यान्न बर्बाद हो जाता है, जो संसाधनों की भारी क्षति के साथ ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का भी कारण बनता है। इसलिए भंडारण, परिवहन और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी।

भारत की अध्यक्षता में होगा आयोजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह सम्मेलन कृषि, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर ठोस दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इंदौर में होने वाला यह कृषि महाकुंभ ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को नई मजबूती देने का मंच बनेगा।

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