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12वीं पास छात्र बना IIT कानपुर का इंजीनियर, CBSE पोर्टल की खामियां उजागर कर बटोरी थी सुर्खियां

Cbse hack: प्रतिभा किसी डिग्री की मोहताज नहीं होती, इसका ताजा उदाहरण 19 वर्षीय निसर्ग अधिकारी हैं। हाल ही में 12वीं पास करने वाले निसर्ग को आईआईटी कानपुर ने अपनी साइबर सिक्योरिटी टीम में शामिल किया है। उन्हें संस्थान के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब C3iHub में इंटेलिजेंस इंजीनियर के पद पर नियुक्त किया गया है। निसर्ग उस समय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में मौजूद गंभीर सुरक्षा खामियों का खुलासा किया था। उनके अनुसार, पोर्टल में ऐसी कमजोरियां थीं जिनका फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति शिक्षक या परीक्षक के रूप में लॉगिन कर सकता था। इतना ही नहीं, सिस्टम के भीतर कई संवेदनशील कार्यों तक भी पहुंच संभव थी।

ब्लॉग लिखकर किया था खुलासा

निसर्ग ने इन कमियों का गलत इस्तेमाल करने के बजाय जिम्मेदार एथिकल हैकर की भूमिका निभाई। उन्होंने सुरक्षा खामियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) को सौंपी। साथ ही एक ब्लॉग के माध्यम से भी इन समस्याओं की जानकारी साझा की। उनके इस खुलासे ने शिक्षा और साइबर सुरक्षा जगत में चर्चा छेड़ दी। निसर्ग की तकनीकी समझ और जिम्मेदार रवैये ने आईआईटी कानपुर का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित किया।

Cbse hack: IIT कानपुर ने पहचानी प्रतिभा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईआईटी कानपुर के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने निसर्ग से संपर्क कर उनकी क्षमताओं का मूल्यांकन किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि साइबर सिक्योरिटी, थ्रेट एनालिसिस और सिस्टम सुरक्षा को लेकर उनकी समझ काफी गहरी है। इसी के आधार पर संस्थान ने उन्हें अपनी साइबर सुरक्षा टीम का हिस्सा बना लिया। खास बात यह है कि निसर्ग के पास अभी कोई इंजीनियरिंग या तकनीकी डिग्री नहीं है, फिर भी उनकी प्रतिभा ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान को प्रभावित किया।

क्या होगी निसर्ग की जिम्मेदारी?

Cbse hack: आईआईटी कानपुर के C3iHub में निसर्ग अधिकारी ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के तौर पर काम करेंगे। उनकी जिम्मेदारियों में सार्वजनिक स्रोतों से जानकारी जुटाना, वेबसाइट और एप्लिकेशन में मौजूद सुरक्षा खामियों की पहचान करना तथा साइबर हमलों से बचाव के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने में सहयोग देना शामिल होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईआईटी कानपुर के निदेशक ने भी निसर्ग की प्रतिभा की सराहना की है और उन्हें संस्थान द्वारा नियुक्त सबसे कम उम्र के इंजीनियरों में से एक बताया है।

 

 

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