UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत के पदों पर आरक्षण तय करने के लिए योगी सरकार ने नई प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत सभी जिलों से ग्राम पंचायतवार 14 बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण का अंतिम खाका तैयार किया जाएगा।
UP Panchayat Election 2026: कार्यकाल खत्म होने के बाद फिर बढ़ी चुनावी हलचल-
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल भी पूरा हो गया है। विकास कार्य प्रभावित न हों, इसलिए प्रशासन ने वर्तमान प्रधानों, जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों को ही जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, उनके कुछ अधिकार सीमित कर दिए गए हैं। चुनाव समय पर न होने से संभावित प्रत्याशी शांत हो गए थे, लेकिन शासन की ओर से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद गांवों में फिर से चुनावी हलचल तेज हो गई है।
UP Panchayat Election 2026: पंचायतवार सामाजिक और जनसंख्या संबंधी आंकड़े जुटाए जा रहे-
पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के बाद सरकार ने आरक्षण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तथ्य आधारित बनाने के लिए पंचायतवार सामाजिक एवं जनसंख्या संबंधी आंकड़े तलब किए हैं। पंचायत राज विभाग ने निर्धारित प्रारूप में सभी सूचनाएं जुटाकर रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है, जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
रिपोर्ट में शामिल होंगे ये 14 अहम बिंदु-
शासन द्वारा मांगी गई रिपोर्ट में प्रत्येक ग्राम पंचायत का नाम, कुल जनसंख्या, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी और उसका प्रतिशत, अनुसूचित जाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) की जनसंख्या, ग्राम पंचायत में कुल वार्डों की संख्या, पूर्व में लागू आरक्षण की स्थिति सहित 14 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी शामिल की गई है। इन आंकड़ों के आधार पर पंचायतवार आरक्षण का नया प्रारूप तैयार होगा।
रिपोर्ट के बाद जारी होगी आरक्षण सूची-
पंचायत राज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद शासन आरक्षण की अंतिम सूची जारी करेगा। इसके बाद आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और उनका निस्तारण होने के बाद पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी किए जाने की संभावना है।
समयबद्ध तरीके से भेजी जाएगी रिपोर्ट-
जिला पंचायत राज अधिकारी प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि शासन द्वारा मांगे गए सभी 14 बिंदुओं पर सूचनाएं निर्धारित प्रारूप में तैयार की जा रही हैं। ग्राम पंचायतवार जनसंख्या और आरक्षण से संबंधित सभी आंकड़ों का संकलन कर रिपोर्ट बनाई जा रही है, जिसे शासन के निर्देशानुसार समयबद्ध तरीके से भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण पर अंतिम फैसला शासन स्तर पर ही लिया जाएगा।
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