Crude Oil Price Fall: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने फिलहाल ईंधन की कीमतों में तत्काल राहत मिलने की संभावना से इनकार किया है।
Crude Oil Price Fall: सुरेश गोपी बोले- तुरंत कम नहीं होंगे दाम-
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल सस्ता होने का मतलब यह नहीं है कि भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत घट जाएंगे। उन्होंने कहा कि कीमतों को प्रभावित करने वाले कई अन्य कारक भी हैं।
Crude Oil Price Fall: होर्मुज जलडमरूमध्य में ट्रैफिक बना बड़ी चुनौती-
मंत्री ने बताया कि सस्ते कच्चे तेल को भारत तक पहुंचने में समय लगेगा। इसके पीछे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की भारी आवाजाही और लॉजिस्टिक चुनौतियां बड़ी वजह हैं। ऐसे में हालात सामान्य होने तक ईंधन कीमतों में राहत मिलने में समय लग सकता है।
पश्चिम एशिया संकट से तेल कंपनियों को हुआ नुकसान-
सुरेश गोपी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को करीब 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए नुकसान का बड़ा हिस्सा खुद वहन किया।
राज्यों ने नहीं घटाई ड्यूटी-
मंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य सरकार ने ईंधन पर लगने वाली ड्यूटी में कटौती कर अपना राजस्व कम नहीं किया। ऐसे में केंद्र सरकार और तेल कंपनियों दोनों के लिए वित्तीय संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
ब्रेंट और WTI क्रूड में आई गिरावट-
गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.64 फीसदी गिरकर करीब 78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं WTI क्रूड भी 2 फीसदी टूटकर लगभग 75 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
ईंधन कीमतों पर कई कारकों का असर-
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों से तय नहीं होते, बल्कि लॉजिस्टिक्स, आयात लागत, टैक्स और बाजार की परिस्थितियां भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं।
Written by- ADARSH KATHANE
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