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आपातकाल की बरसी पर सियासी वार, मुख्यमंत्रियों ने कांग्रेस को घेरा और लोकतंत्र सेनानियों को किया याद

Emergency Anniversary: देश में आपातकाल की 51वीं बरसी गुरुवार को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का आरोप लगाया।

योगी बोले- सत्ता के अहंकार में लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास हुआ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह काला दिन है, जब सत्ता के अहंकार में कांग्रेस ने आपातकाल थोपकर संविधान की आत्मा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोकतंत्र सेनानियों को नमन किया।

Emergency Anniversary: रेखा गुप्ता का कांग्रेस पर सीधा हमला

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र और संविधान पर सबसे बड़ा हमला था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया, नागरिक अधिकारों का हनन किया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी उसी तानाशाही मानसिकता से ग्रसित है।

राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने भी किया याद

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी राष्ट्रभक्तों और लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उस दौर में संवैधानिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों का खुलेआम दमन किया गया था। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 25 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र पर गंभीर आघात का प्रतीक है और लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष करने वालों का देश हमेशा ऋणी रहेगा।

Emergency Anniversary: फडणवीस बोले- लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा का संकल्प दोहराएं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आपातकाल को लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए कहा कि उस समय संवैधानिक मूल्यों को कुचल दिया गया था। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी देशभक्तों को नमन करते हुए संविधान और लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा के संकल्प को दोहराने का आह्वान किया।

केंद्र सरकार मनाती है ‘संविधान हत्या दिवस’

गौरतलब है कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल को याद करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

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