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योगी सरकार का बड़ा तोहफा ₹20 करोड़ से यूपी में बदलेगी पड़ाव-रामनगर मार्ग की तस्वीर, 2 अंडरपास तैयार

योगी सरकार का बड़ा तोहफा ₹20 करोड़ से यूपी में बदलेगी पड़ाव-रामनगर मार्ग की तस्वीर, 2 अंडरपास तैयार

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सड़क और यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। चंदौली के पड़ाव-रामनगर मार्ग पर वर्षों से लोगों को परेशान करने वाले भीषण जाम से जल्द राहत मिलने वाली है। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से चल रही डॉट पुल चौड़ीकरण परियोजना अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत दो अंडरपास पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि तीसरे अंडरपास के निर्माण के लिए तेजी से खुदाई का कार्य जारी है।इस परियोजना का निर्माण रेलवे विभाग की निगरानी में कार्यदायी संस्था टांजेंट इंफ्राटेक द्वारा किया जा रहा है। करीब एक वर्ष पहले शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत कुल तीन अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इनमें दो अंडरपास पांच-पांच मीटर चौड़े हैं, जबकि तीसरा अंडरपास 11 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। तीनों अंडरपास की ऊंचाई 5.5 मीटर रखी गई है, ताकि ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सके।

Uttar Pradesh: वाराणसी और चंदौली के लिए लाइफलाइन बनेगा यह मार्ग

दो अंडरपास तैयार होने के बाद अब तीसरे अंडरपास के लिए फाउंडेशन थ्रस्ट बेड तैयार किया जा रहा है। रेलवे लाइन के उत्तरी छोर से खुदाई का कार्य तेजी से चल रहा है। आधुनिक तकनीक के तहत तैयार किए जा रहे थ्रस्ट बेड पर बॉक्स संरचना को कंप्रेशन तकनीक से स्थापित किया जाएगा। निर्माण स्थल पर मशीनें और श्रमिक लगातार काम में जुटे हुए हैं, जिससे परियोजना को तय समय में पूरा किया जा सके।पड़ाव-रामनगर मार्ग वाराणसी और चंदौली को जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक, मालवाहक वाहन, बसें और अन्य यात्री वाहन गुजरते हैं। डॉट पुल की संकरी संरचना के कारण यहां अक्सर कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं और ईंधन के साथ-साथ समय की भी भारी बर्बादी होती है।

Uttar Pradesh: बिजली और पेयजल लाइनें बनीं सबसे बड़ी चुनौती

परियोजना के निर्माण के दौरान बिजली के पोल और पेयजल आपूर्ति लाइनों का स्थानांतरण सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि रेलवे विभाग संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को जल्द दूर कर निर्माण कार्य को और गति दी जाएगी, ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद पड़ाव-रामनगर मार्ग पर वर्षों से चली आ रही जाम की समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी। वाराणसी और चंदौली के बीच सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और तेज होगा। भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होगी, व्यापार और परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि लोगों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह परियोजना क्षेत्र के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। लंबे समय से जाम की समस्या झेल रहे लोगों को उम्मीद है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पड़ाव-रामनगर मार्ग की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। लोगों का मानना है कि योगी सरकार की यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि वाराणसी और चंदौली के बीच आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार देगी।

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