Paper Leak : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने गुरुवार को छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी “छात्रों की गूंज” अभियान की शुरुआत की। यह अभियान अगले 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा। इसके तहत कोचिंग हब, विश्वविद्यालय, कॉलेज परिसर, पुस्तकालय और युवा समूहों के बीच पहुंचकर छात्रों की समस्याओं को उठाया जाएगा। भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और एनएसयूआई के राष्ट्रीय सह प्रभारी अंशुल त्रिवेदी ने अभियान की रूपरेखा साझा की। प्रेस वार्ता के दौरान इमरान मसूद ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, परिणामों में देरी और भर्ती प्रक्रियाओं के लंबित रहने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।

उन्होंने कहा कि छात्र किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि केवल निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया चाहते हैं। उनके अनुसार मौजूदा हालात ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है और युवाओं में निराशा का माहौल पैदा किया है।
Paper Leak और NTA पर कांग्रेस का बड़ा हमला
कांग्रेस नेताओं ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज पर भी सवाल उठाए। इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कई परीक्षा घोटाले और पेपर लीक के मामले सामने आए, लेकिन बड़े स्तर पर जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई नहीं पहुंच सकी। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाली घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एनएसयूआई नेता अंशुल त्रिवेदी ने कहा कि नीट यूजी 2026 विवाद ने छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। उनका कहना था कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत और परिवारों की आर्थिक उम्मीदों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल उनके विश्वास को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
कांग्रेस ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
अभियान के दौरान कांग्रेस ने तीन प्रमुख मांगें सामने रखी हैं। पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से जुड़ी है। दूसरी मांग परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और एनटीए सहित पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की है। तीसरी मांग एक निश्चित वार्षिक परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर लागू करने की है, ताकि छात्रों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
देश की शिक्षा व्यवस्था आईसीयू में पहुंच चुकी है। NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं को लेकर लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, पेपर लीक, अव्यवस्था और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। इसके बावजूद छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले शिक्षा… pic.twitter.com/rimid6sp0S
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) June 25, 2026
देशभर में होंगे कार्यक्रम
कांग्रेस के अनुसार 30 जून से विभिन्न शहरों में छात्र संपर्क अभियान, पर्चा वितरण और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जुलाई महीने में कैंपस स्तर पर विशेष कार्यक्रम और संवाद सत्र होंगे। 1 अगस्त को 28 शहरों में कलेक्टरेट घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जबकि 9 अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम के साथ अभियान के पहले चरण का समापन किया जाएगा। पार्टी ने छात्रों से अभियान से जुड़ने और अपनी आवाज को संगठित रूप से उठाने की अपील की है।
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