Youth : आज की Gen Z पीढ़ी खर्च करने के तरीके को पूरी तरह बदल रही है। जहां पहले सफलता और स्टेटस को महंगे कपड़ों, लग्जरी घड़ियों या बड़े-बड़े ब्रांड्स से जोड़ा जाता था, वहीं अब युवा अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा अनुभवों (Experiences) पर खर्च करना पसंद कर रहे हैं।

किसी महंगी घड़ी या डिजाइनर बैग खरीदने की बजाय वे कॉन्सर्ट, ट्रैवल, एडवेंचर एक्टिविटीज, लाइव इवेंट्स और नई जगहों को एक्सप्लोर करने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। उनका मानना है कि चीजें पुरानी हो जाती हैं, लेकिन यादें जिंदगी भर साथ रहती हैं।
Youth को मिल रहा बढ़ावा
युवा पीढ़ी सिर्फ अपने आनंद को प्राथमिकता नहीं दे रही, बल्कि पर्यावरण की जिम्मेदारी भी समझ रही है। यही वजह है कि “सर्कुलर इकोनॉमी” का विचार तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। सर्कुलर इकोनॉमी का मतलब है संसाधनों का बार-बार उपयोग करना, चीजों को रिपेयर करना, री-यूज़ करना और रिसाइकल करना ताकि कचरा कम हो और पर्यावरण पर दबाव घटे। Gen Z सेकेंड-हैंड फैशन, थ्रिफ्ट शॉपिंग, रीफर्बिश्ड गैजेट्स और सस्टेनेबल ब्रांड्स को अपनाने में दिलचस्पी दिखा रही है। उनके लिए खरीदारी सिर्फ जरूरत या दिखावे का माध्यम नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार फैसला भी बनती जा रही है।
भविष्य की नई अर्थव्यवस्था
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले वर्षों में पूरी अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर सकता है। सोशल मीडिया के दौर में युवा अपने अनुभव साझा कर दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं कि खुशी सिर्फ महंगी चीजों में नहीं, बल्कि नए अनुभवों और सार्थक पलों में भी मिल सकती है। यही कारण है कि आज की पीढ़ी लग्जरी ब्रांड्स की बजाय यादों, अनुभवों और टिकाऊ जीवनशैली में निवेश कर रही है। यह ट्रेंड न केवल लोगों की प्राथमिकताओं को बदल रहा है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी एक सकारात्मक कदम साबित हो रहा है।
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Written bY : Mahi








