NCERT Krishna Book: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की कक्षा 6 की कन्नड़ पाठ्यपुस्तक ‘कृष्णा’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक शिक्षा अधिकार संगठन ने किताब की सामग्री पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि इसमें धार्मिक संदर्भों और शाकाहार को बढ़ावा दिया गया है। विवाद बढ़ने के बाद NCERT ने इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
NCERT Krishna Book: क्यों शुरू हुआ यह विवाद-
शिक्षा अधिकार संगठन पीपुल्स अलायंस फॉर फंडामेंटल राइट्स टू एजुकेशन (PAFRE) ने दावा किया है कि कक्षा 6 की कन्नड़ किताब के माध्यम से छात्रों पर धार्मिक विचारों और शाकाहारी जीवनशैली को थोपने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन का आरोप है कि किताब में खानपान से जुड़े अध्यायों में धार्मिक विषयों को अधिक महत्व दिया गया है, जिससे शिक्षा की धर्मनिरपेक्षता प्रभावित हो सकती है।
NCERT Krishna Book: NCERT ने दी सफाई-
विवाद के बीच NCERT ने स्पष्ट किया कि उसकी सभी भाषाओं की पाठ्यपुस्तकों के नाम भारत की प्रमुख नदियों के नाम पर रखे गए हैं। परिषद के अनुसार, ‘कृष्णा’ कर्नाटक की प्रमुख नदियों में से एक है, इसलिए कक्षा 6 की कन्नड़ पुस्तक का नाम ‘कृष्णा’ रखा गया है।
संतुलित आहार पर आधारित है अध्याय-
NCERT ने बताया कि पुस्तक के अध्याय 6 में छात्रों को संतुलित आहार (Balanced Diet) के बारे में जानकारी दी गई है। किताब के पेज 63 पर दिए गए चित्र में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के भोजन को शामिल किया गया है। परिषद ने कहा कि पुस्तक में कहीं भी शाकाहार का प्रचार या मांसाहारी भोजन का विरोध नहीं किया गया है। इसका उद्देश्य केवल बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार के महत्व से अवगत कराना है।
आरोपों को बताया निराधार-
NCERT का कहना है कि किताब की सामग्री को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। परिषद के अनुसार, पाठ्यपुस्तक में किसी भी धार्मिक विचारधारा या खानपान की आदत को बढ़ावा देने का प्रयास नहीं किया गया है, बल्कि छात्रों को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी प्रदान की गई है।
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