PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सेशेल्स पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद पीएम मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हुई। इस बैठक में दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, कोस्ट गार्ड सहयोग और समुद्री निगरानी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
पीएम मोदी अपने दौरे के दौरान भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके अलावा वे आज सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। इस संबोधन के साथ ही वे दुनिया के पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे, जिन्होंने 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली को संबोधित किया है।

तीन दिवसीय राजकीय यात्रा
पीएम मोदी शनिवार को तीन दिन की राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे थे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका औपचारिक स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नेशनल बॉटनिकल गार्डन का दौरा किया और यादगार के तौर पर एक पौधा भी लगाया।सेशेल्स में भारतीय समुदाय का इतिहास काफी पुराना है। पुर्तगाली नाविक वास्को द गामा ने साल 1502 में पहली बार सेशेल्स की खोज की थी। उस समय यहां कोई स्थायी आबादी नहीं थी। इसके बाद कई सदियों तक अरब और यूरोपीय जहाज यहां रुकते रहे, लेकिन कोई स्थायी बसावट नहीं बनी।
साल 1770 में फ्रांस ने सेशेल्स में पहली स्थायी बस्ती स्थापित की। इस बस्ती में 15 फ्रांसीसी बसने वाले, 7 अफ्रीकी गुलाम और 5 भारतीय शामिल थे। इन्हें सेशेल्स के पहले स्थायी निवासियों में माना जाता है।इसके बाद 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान बिहार के भोजपुरी भाषी इलाकों से लोग यहां आकर बसने लगे। वहीं 20वीं सदी में तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारी, मजदूर और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोग सेशेल्स पहुंचे।

राष्ट्रपति रामकलावन का बिहार कनेक्शन
आज सेशेल्स की आबादी करीब 1.20 लाख है और यहां भारतीय मूल के लोगों की संख्या लगभग 8 प्रतिशत है। भारतीय मूल के लोगों में बिहारी समुदाय को तीसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता है।साल 2020 में राष्ट्रपति बने वेवेल रामकलावन की जड़ें भी बिहार से जुड़ी हैं। उनके परदादा करीब 138 साल पहले बिहार के गोपालगंज जिले के परसौनी गांव से कोलकाता पहुंचे थे। वहां से उन्हें गन्ने के खेतों में काम करने के लिए मॉरीशस भेजा गया। बाद में उनका परिवार सेशेल्स में बस गया।साल 2018 में जब रामकलावन विपक्ष के सांसद थे, तब उन्होंने अपने पूर्वजों के गांव परसौनी का दौरा भी किया था।
PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स के कछुओं की खासियत
सेशेल्स अल्डाब्रा जायंट कछुओं के लिए भी प्रसिद्ध है। दुनिया में कछुओं की 360 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन अल्डाब्रा जायंट कछुआ अपनी लंबी उम्र के लिए जाना जाता है। इस प्रजाति की औसत उम्र करीब 150 साल होती है।
दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर जोनाथन भी इसी प्रजाति का कछुआ है। उसकी उम्र करीब 194 साल मानी जाती है। उसका जन्म लगभग 1832 में हुआ था। साल 1882 में करीब 50 साल की उम्र में उसे सेशेल्स से सेंट हेलेना भेज दिया गया था।
वैज्ञानिक उसकी लंबी उम्र का रहस्य जानने के लिए उसके डीएनए का अध्ययन कर रहे हैं। उनका मानना है कि उसकी कोशिकाओं में बदलाव इंसानों की कोशिकाओं की तुलना में धीमी गति से होते हैं, जिससे उम्र बढ़ने और लंबी जिंदगी से जुड़े नए रहस्यों को समझने में मदद मिल सकती है।

भारत-सेशेल्स संबंधों के 50 साल
पीएम मोदी ने सेशेल्स दौरे पर कहा कि सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। इस साल भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित हैं। फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद अब इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।
दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करना दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को दर्शाता है।उन्होंने यह भी कहा कि सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय ने कई पीढ़ियों से दोनों देशों की दोस्ती को मजबूत किया है। यह यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को और गहरा करेगी, समुद्री सहयोग बढ़ाएगी और सुरक्षित व शांतिपूर्ण हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी।

PM Modi Seychelles Visit: मोदी दूसरे भारतीय प्रधानमंत्री
पीएम मोदी से पहले केवल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेशेल्स का दौरा किया था। इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं, उसी साल सेशेल्स को आजादी मिली थी। भारत ने स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था।इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में दोबारा सेशेल्स की यात्रा की थी। उनकी यात्रा के बाद करीब 34 साल तक किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स का दौरा नहीं किया था।पीएम मोदी की यात्रा का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
समुद्री सुरक्षा पर भारत की पहल
पीएम मोदी के दौरे के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की। इससे समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी।इसके अलावा पीएम मोदी ने भारत की मदद से तैयार किए गए तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन भी किया। यह नेटवर्क हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की रणनीति का हिस्सा है।उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।
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