Pulse Polio Campaign: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को राज्य के वार्षिक पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। चेन्नई के पलवक्कम स्थित आदि द्रविड़ कल्याण उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को पोलियो रोधी दवा की मौखिक खुराक पिलाई।इसके साथ ही पूरे तमिलनाडु में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए बड़े स्तर पर पोलियो टीकाकरण अभियान शुरू हो गया।
पोलियो मुक्त स्थिति बनाए रखने के लिए अभियान
पल्स पोलियो अभियान भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने और इस उपलब्धि को आगे भी बरकरार रखने के उद्देश्य से हर साल आयोजित किया जाता है।पोलियो यानी पोलियोमायलाइटिस एक गंभीर और तेजी से फैलने वाली वायरल बीमारी है, जो खासतौर पर छोटे बच्चों को प्रभावित करती है। यह बीमारी कई मामलों में बच्चों को स्थायी रूप से लकवाग्रस्त कर सकती है।भारत ने पोलियो बीमारी पर सफलतापूर्वक नियंत्रण हासिल कर इसे समाप्त कर दिया है, लेकिन वायरस के दोबारा फैलने के खतरे को रोकने और बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए सरकार लगातार पल्स पोलियो अभियान चला रही है।

52.91 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य
इस साल तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में एक ही दिन में 52.91 लाख बच्चों को पोलियो रोधी दवा की मौखिक खुराक देने का लक्ष्य रखा है।इस अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य में 43,051 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। ये बूथ सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों, टोल प्लाजा, चेक पोस्ट और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किए गए हैं।इन केंद्रों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभिभावक अपने बच्चों को आसानी से पोलियो की दवा दिला सकें।
Pulse Polio Campaign: सभी जिलों में एक साथ शुरू हुए शिविर
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पलवक्कम के कार्यक्रम स्थल पर बच्चों को पोलियो की पहली खुराक देकर अभियान की शुरुआत की।अभियान शुरू होते ही तमिलनाडु के सभी जिलों में पल्स पोलियो टीकाकरण शिविर भी शुरू कर दिए गए। इस जनस्वास्थ्य अभियान में बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी, नर्सें, स्वयंसेवक और सरकारी अधिकारी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
राज्य में चल रहा यह पल्स पोलियो अभियान रविवार शाम 5 बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान निर्धारित सभी केंद्रों पर पात्र बच्चों को मुफ्त में पोलियो रोधी दवा की मौखिक खुराक दी जाएगी।
बच्चों को दवा पिलाना जरूरी
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि भारत के पोलियो मुक्त होने के बाद भी बच्चों का नियमित टीकाकरण जारी रखना बहुत जरूरी है। इससे वायरस के दोबारा फैलने की संभावना को कम किया जा सकता है।अधिकारियों ने बताया कि पांच वर्ष से कम उम्र के हर बच्चे को पोलियो की दवा जरूर पिलानी चाहिए, चाहे उसे पहले टीका लगाया गया हो या नहीं।
तमिलनाडु सरकार ने सभी अभिभावकों और संरक्षकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान का लाभ उठाएं और रविवार शाम अभियान समाप्त होने से पहले अपने बच्चों को नजदीकी पल्स पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा जरूर पिलाएं।सरकार ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारत की पोलियो मुक्त स्थिति को बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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