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यूपी में स्कूल खुलने से पहले योगी सरकार का बड़ा फैसला, बच्चों को लू से बचाने के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन

Up school: जुलाई से उत्तर प्रदेश के स्कूल खुलने वाले हैं। ऐसे में भीषण गर्मी और लू को देखते हुए योगी सरकार ने छात्रों की सुरक्षा के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों को गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं और उन्हें जागरूक भी किया जाए।

बच्चों को जागरूक करेंगे शिक्षक

नई गाइडलाइन के मुताबिक, स्कूलों में शिक्षक बच्चों को लू से बचने के तरीके बताएंगे। प्रार्थना सभा, कक्षा और अन्य गतिविधियों के दौरान छात्रों को समझाया जाएगा कि तेज धूप से कैसे बचना है और लू लगने के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं। अगर किसी छात्र की तबीयत अचानक बिगड़ती है तो तुरंत शिक्षक को इसकी जानकारी देने के लिए भी बच्चों को जागरूक किया जाएगा।

Up school: पानी पीने और सूती कपड़े पहनने की सलाह

शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने, दोपहर की तेज धूप से बचने और तरबूज, खरबूजा जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन करने के लिए प्रेरित करें।

Up school: हर स्कूल में बनेगा हीट एक्शन प्लान

सरकार ने सभी स्कूलों में हीट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत हर विद्यालय में एक स्वास्थ्य नोडल शिक्षक नियुक्त किया जाएगा, जो गर्मी से बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा।

स्कूलों में उपलब्ध रहेंगी जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं

गाइडलाइन के अनुसार, हर स्कूल में प्राथमिक उपचार किट, ORS, डिजिटल थर्मामीटर और 108 एंबुलेंस सहित जरूरी चिकित्सा संपर्क व्यवस्था उपलब्ध रखनी होगी। साथ ही स्कूल परिसर में गर्मी से बचाव के संदेश और आपातकालीन नंबर भी प्रदर्शित किए जाएंगे।

सुबह 10 बजे से पहले होंगी बाहरी गतिविधियां

सरकार ने निर्देश दिया है कि प्रार्थना सभा, खेलकूद, पीटी और अन्य बाहरी गतिविधियां सुबह 10 बजे से पहले ही आयोजित की जाएं। वहीं मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी होने पर सभी कठिन शारीरिक और आउटडोर गतिविधियां तत्काल रोक दी जाएंगी।

मॉक ड्रिल और मौसम पर रहेगी नजर

Up school: स्कूलों को गर्मी से जुड़ी घटनाओं का रिकॉर्ड रखने, समय-समय पर मॉक ड्रिल कराने और भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम अलर्ट पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन कदमों से भीषण गर्मी के दौरान बच्चों की सुरक्षा बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी।

 

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