Cashless Treatment: उत्तर प्रदेश की सड़कों और एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को तुरंत और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए ‘पीएम राहत (PM Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment)’ योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के लोगों को भी मिलेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क हादसे के बाद किसी भी घायल को पैसों की कमी या कानूनी प्रक्रिया की वजह से इलाज में देरी का सामना न करना पड़े।नई योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को हादसे के बाद पहले सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। मरीज या उसके परिवार से किसी भी तरह का एडवांस या डिपॉजिट नहीं लिया जाएगा। यह सुविधा सड़क का उपयोग करने वाले सभी लोगों के लिए होगी, चाहे वह पैदल यात्री हो, वाहन चालक हो या वाहन में बैठा सहयात्री।
‘गोल्डन आवर’ में तुरंत शुरू होगा इलाज
डॉक्टरों के अनुसार हादसे के बाद का पहला घंटा यानी गोल्डन आवर सबसे अहम होता है। इसी समय सही इलाज मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। नई व्यवस्था में अस्पताल पहुंचते ही इलाज शुरू कर दिया जाएगा और कागजी कार्रवाई बाद में पूरी होगी, ताकि मरीज को समय पर चिकित्सा मिल सके।योजना को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, बीमा कंपनियों और परिवहन विभाग को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। सड़क हादसे की पुष्टि होने के बाद अस्पताल मरीज की यूनिक ट्रीटमेंट आईडी बनाकर ऑनलाइन क्लेम दर्ज करेगा, जिससे इलाज और भुगतान की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और तेज होगी।अगर दुर्घटना करने वाले वाहन का बीमा है तो इलाज का खर्च बीमा कंपनी उठाएगी। वहीं, बिना बीमा वाले वाहन या हिट एंड रन मामलों में इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। इससे ऐसे मामलों में भी घायल व्यक्ति को इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
Cashless Treatment: घायल की मदद करने वालों को मिलेगी कानूनी सुरक्षा
योजना के तहत किसी सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले गुड समैरिटन (नेक नागरिक) को पुलिस या अदालत की अनावश्यक कार्रवाई से सुरक्षा दी जाएगी। उन्हें केवल मदद करने के कारण किसी तरह की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना होगा, जिससे लोग बिना डर के घायलों की सहायता कर सकेंगे।योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश के हर जिले में शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। यदि कोई अस्पताल इलाज देने से इनकार करता है या किसी स्तर पर लापरवाही होती है, तो नागरिक शिकायत दर्ज करा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर मामला जिला प्रशासन तक भी पहुंचाया जा सकेगा।
Cashless Treatment: इलाज में देरी नहीं, अब सबसे पहले होगी मरीज की जान बचाने की कोशिश
केंद्र सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना और हर घायल को समय पर इलाज उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के लागू होने से उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को बिना आर्थिक चिंता के तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
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