Home » राष्ट्रीय » गाजीपुर में गंगा के बीच फंसा मालवाहक जलपोत, कम जलस्तर से 20 दिनों से रुका संचालन

गाजीपुर में गंगा के बीच फंसा मालवाहक जलपोत, कम जलस्तर से 20 दिनों से रुका संचालन

Ghazipur News

Ghazipur News: देश में अंतर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कोलकाता से वाराणसी तक मालवाहक जहाजों और पर्यटक जलपोतों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गंगा नदी का घटता जलस्तर इस योजना के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। कोलकाता से वाराणसी जा रहा एक खाली मालवाहक जलपोत पिछले लगभग बीस दिनों से गंगा की बीच धारा में फंसा हुआ है। जलपोत के फंसने के बाद स्थानीय लोगों ने ड्रेजिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने जलस्तर बढ़ने के बाद जलपोत को निकालने की बात कही है।

कम जलस्तर के कारण बीच धारा में रुका जलपोत

गाजीपुर के सुहवल थाना क्षेत्र के कालूपुर गंगा तट के सामने यह मालवाहक जलपोत बीच नदी में फंस गया है। बताया जा रहा है कि कोलकाता से वाराणसी की ओर जा रहा यह खाली जलपोत गंगा में जलस्तर अत्यधिक कम होने के कारण आगे नहीं बढ़ सका। जलपोत लगभग पचपन मीटर लंबा, दस मीटर चौड़ा और करीब तीन सौ टन वजनी है। उस पर लगभग आधा दर्जन चालक दल के सदस्य मौजूद हैं, जो पिछले बीस दिनों से वहीं रुके हुए हैं।

Ghazipur News: वाराणसी के लिए ले जाया जा रहा था निर्माण उपकरण

अधिकारियों के अनुसार यह जलपोत वाराणसी में निर्माणाधीन तैरते घाट के लिए भारी उपकरण पहुंचाने के उद्देश्य से रवाना हुआ था। हमीद सेतु से पहले कालूपुर गंगा तट के समीप नदी की गहराई कम होने के कारण यह बीच धारा में फंस गया। जलपोत को निकालने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी। हालांकि चालक दल के भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता बनी हुई है।

द्रेजिंग व्यवस्था पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर और निर्धारित मानकों के अनुसार गंगा नदी में ड्रेजिंग कराई गई होती, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। उनका आरोप है कि जलमार्ग को सुचारु बनाए रखने के लिए पर्याप्त गहराई सुनिश्चित नहीं की गई, जिसके कारण इतना बड़ा मालवाहक जलपोत बीच नदी में फंस गया। इस घटना के बाद भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

Ghazipur News: जलस्तर बढ़ने के बाद निकाला जाएगा जलपोत

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि गंगा नदी में जलस्तर सामान्य से काफी नीचे है, इसलिए जलपोत को निकालना फिलहाल संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि जैसे ही जलस्तर में बढ़ोतरी होगी, आवश्यक ड्रेजिंग कराकर जलपोत को सुरक्षित वाराणसी के लिए रवाना किया जाएगा। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

ये भी पढ़ें…उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, सातवें वर्ष भी नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें