Muslim Community: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू किए जाने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मध्य प्रदेश सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सभी समुदायों से पर्याप्त चर्चा किए बिना कानून लागू किया है। मौलाना ने कहा कि मुसलमानों को इस कानून को मानने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने पश्चिम बंगाल में मदरसों की जांच और पाकिस्तान के कश्मीर संबंधी बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
UCC को लेकर सरकार पर लगाए सवाल
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार कई महीनों से UCC पर विचार कर रही थी और अब इसे कानून का रूप दिया गया है। उन्होंने इसे बीजेपी के एजेंडे का हिस्सा बताते हुए सवाल किया कि यदि समान कानून की बात है तो आदिवासी समुदाय को इससे अलग क्यों रखा गया है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था की बात करते हुए अलग-अलग मानदंड नहीं होने चाहिए। उनके मुताबिक, UCC लागू करने से पहले विभिन्न समुदायों से बातचीत और सहमति की प्रक्रिया होनी चाहिए थी।
Muslim Community: ‘मुसलमानों से नहीं ली गई सलाह’
रजवी ने दावा किया कि UCC को लेकर मुस्लिम समुदाय से कोई सलाह नहीं ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून को एकतरफा तरीके से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय को अलग रखने के फैसले पर भी सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए। मौलाना ने दावा किया कि संविधान की भावना के अनुरूप सभी पक्षों से चर्चा जरूरी है और इसी आधार पर उन्होंने कानून को लेकर आपत्ति जताई।
मदरसों की जांच पर भी प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल में मदरसों की विदेशी फंडिंग और कथित टेरर फंडिंग को लेकर जांच पर रजवी ने कहा कि यदि सरकार जांच करना चाहती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि उन्होंने जांच को पारदर्शी और देशहित में किए जाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है और कहा कि मदरसे जांच के लिए खुले हैं तथा उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।
Muslim Community: कश्मीर पर पाकिस्तान को दिया जवाब
पाकिस्तान द्वारा संयुक्त राष्ट्र के जरिए कश्मीर मुद्दा उठाए जाने पर मौलाना रजवी ने कहा कि भारत कश्मीर मामले में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का हिस्सा है और पीओके को भी भारत का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है और भारत अपनी स्थिति पर स्पष्ट है।
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