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बिहार में अंतिम विदाई में रो पड़ा पूरा गांव, तिरंगे में लिपटे घर पहुंचे सेना के जवान अवधेश कुमार

Bihar news: देश की सेवा करते हुए सेना के जवान अवधेश कुमार के निधन की खबर ने पूरे जहानाबाद को गम में डुबो दिया। जब तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पुनीत बिगहा पहुंचा तो हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। हर तरफ “भारत माता की जय” और “शहीद अवधेश कुमार अमर रहें” के नारे गूंज उठे। परिजनों की चीख-पुकार ने माहौल को बेहद भावुक बना दिया।

संघर्षों के बीच सेना तक का सफर

सदर प्रखंड के पुनीत बिगहा गांव निवासी अवधेश कुमार अपने पिता स्वर्गीय प्रभु यादव के इकलौते बेटे थे। बचपन में ही पिता का साया उठ गया था। आर्थिक तंगी के बावजूद मां और चाचा ने उनका पालन-पोषण किया और पढ़ाई पूरी कराई। देश सेवा का सपना लेकर उन्होंने वर्ष 2012 में भारतीय सेना जॉइन की। उनकी पहली पोस्टिंग लेह में हुई थी। करीब सात साल पहले वाघा बॉर्डर पर तैनाती के दौरान अत्यधिक ठंड की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। बाद में चंडीगढ़ के आरआर अस्पताल में उनकी बाईपास सर्जरी हुई। स्वस्थ होने के बाद उन्होंने फिर से ड्यूटी संभाल ली।

Bihar news: ऑपरेशन के दौरान हुई मौत

परिजनों के अनुसार, अवधेश कुमार मई में एक महीने की छुट्टी पर घर आए थे। छुट्टी खत्म होने के बाद ड्यूटी पर लौटे, लेकिन 7 जून को अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। उन्हें तुरंत दिल्ली के सैन्य अस्पताल (आरआर हॉस्पिटल) में भर्ती कराया गया। ऑपरेशन के दौरान अचानक हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। सेना की ओर से जैसे ही परिवार को सूचना मिली, पूरे गांव में मातम छा गया।

Bihar news: राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

जवान का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से गया लाया गया, जहां सेना ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। इसके बाद शव को जहानाबाद शहर के कालीनगर स्थित आवास और फिर पैतृक गांव पुनीत बिगहा ले जाया गया। अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग पहुंचे। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने पुष्प अर्पित कर वीर जवान को श्रद्धांजलि दी।

7 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

सबसे भावुक पल तब आया, जब अवधेश कुमार के 7 वर्षीय बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।अवधेश कुमार अपने पीछे बूढ़ी मां, पत्नी, 11 साल की बेटी और दो छोटे बेटों को छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार ने अपना सबसे बड़ा सहारा खो दिया है।

सेना ने परिवार को दिया भरोसा

Bihar news: पार्थिव शरीर के साथ आए सेना के अधिकारियों ने बताया कि अवधेश कुमार बेहद ईमानदार, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे। अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सहायता और अनुग्रह राशि जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।

 

 

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