IPS Success Story: देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में शामिल होने का सपना लाखों युवा देखते हैं, लेकिन इसे पूरा करने के लिए बहुत कम लोग अपनी आरामदायक जिंदगी और लाखों रुपये के पैकेज वाली नौकरी छोड़ने का साहस जुटा पाते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है 2015 बैच की IPS अधिकारी अपर्णा कौशिक की, जिन्होंने करीब 18 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी की और आज एक सफल पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।

संघर्षों से भरा रहा जीवन
अपर्णा कौशिक का जीवन शुरुआत से ही संघर्षों से भरा रहा। उनके जन्म से पहले ही उनके पिता का निधन हो गया था। ऐसे कठिन समय में उनकी मां ने अकेले उनका पालन-पोषण किया और हर परिस्थिति में उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाई। सीमित संसाधनों के बावजूद अपर्णा ने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया। अपर्णा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दयावती मोदी अकैडमी से की। 10वीं के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए जयपुर चली गई। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली अपर्णा ने इसके बाद NIT प्रयागराज (पूर्व में MNNIT इलाहाबाद) से बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक की डिग्री हासिल की।
IPS Success Story: 18 लाख सालाना पैकेज वाली मिली थी नौकरी
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद अपर्णा को गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में बिजनेस एनालिस्ट के पद पर नौकरी मिली। उन्हें करीब 18 लाख रुपये सालाना का आकर्षक पैकेज मिल रहा था। अच्छी सैलरी, शानदार करियर और सुरक्षित भविष्य होने के बावजूद उनके मन में देश सेवा का सपना लगातार जिंदा था। कॉर्पोरेट दुनिया में आर्थिक सफलता मिलने के बाद भी अपर्णा को वह संतुष्टि नहीं मिल रही थी जिसकी उन्हें तलाश थी। उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह UPSC परीक्षा की तैयारी में जुट गई। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।

पहले ही प्रयास में मिली सफलता
लगातार मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर अपर्णा कौशिक ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और वर्ष 2015 में IPS अधिकारी बनी। इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली और अपनी ईमानदार कार्यशैली तथा प्रभावी नेतृत्व से अलग पहचान बनाई। IPS अधिकारी के रूप में अपर्णा कौशिक ने महिला सुरक्षा, साइबर अपराध की रोकथाम और डिजिटल जागरूकता को लेकर कई अहम अभियान चलाए। उन्होंने लोगों को साइबर ठगी से बचाने और महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कई प्रभावी पहल की। वर्तमान में वह मिर्जापुर की पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
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