UP News: गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र में युवक के घायल होने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आरोप है कि महमूदाबाद निवासी एक युवक पुलिस कार्रवाई के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले के सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एक सिपाही को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
अब पढ़े पूरा मामला…
जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात महमूदाबाद निवासी अब्दुल रहीम (28) को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिपराइच लाया गया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति चिंताजनक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया। युवक की गंभीर हालत की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया। घटना के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि युवक पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुआ है। हालांकि, पुलिस की ओर से फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
UP News: दोषी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा
सूत्रों के अनुसार, मामले से जुड़ी खबर सामने आने के कुछ ही समय बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच में सिपाही अजय यादव की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जा सके। मामले पर क्षेत्राधिकारी चौरी-चौरा कुंदन सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया सिपाही अजय यादव की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें निलंबित किया गया है। इसके अलावा पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच कराई जा रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य पुलिसकर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित आचरण को लेकर गंभीर है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए और पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए।
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