Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में छह वर्ष पुराने सरकारी जमीन आवंटन घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गुन्नौर तहसील क्षेत्र में 58 अपात्र लोगों को सरकारी भूमि का फर्जी आवंटन करने के मामले में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, सरकारी वकील और राजस्व अधिकारियों समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने तत्कालीन एसडीएम ओमबीर सिंह, तत्कालीन तहसीलदार कर्म सिंह, सरकारी वकील, लेखपाल सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
58 अपात्र लोगों को किया गया था जमीन का फर्जी आवंटन
पुलिस के अनुसार मामला गुन्नौर तहसील के भोना नगला गांव स्थित सुखोला क्षेत्र की सरकारी भूमि से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि गैर आबादी की झाऊ श्रेणी की सरकारी भूमि को फर्जी तरीके से रेत श्रेणी में बदलकर 58 अपात्र लोगों के नाम दर्ज कर दिए गए थे।
Sambhal News: जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
यह कार्रवाई जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट और वर्तमान लेखपाल स्वाती शर्मा की तहरीर के आधार पर की गई। पुलिस ने तत्कालीन एसडीएम, तत्कालीन तहसीलदार, तीन लेखपाल, दो कानूनगो, एक चकबंदी अधिकारी, छह ग्राम पंचायत सदस्यों समेत कुल 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आवंटन निरस्त होने के बाद भी दर्ज किए गए नाम
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सरकारी भूमि का आवंटन पहले ही निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद तत्कालीन एसडीएम और तहसीलदार ने राजस्व एवं चकबंदी विभाग के अधिकारियों तथा ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की कथित मिलीभगत से 58 लोगों के नाम सरकारी अभिलेखों में दर्ज करा दिए।
Sambhal News: 4 जून को सौंपी गई थी जांच रिपोर्ट
सरकारी भूमि आवंटन में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद गठित जांच समिति ने 4 जून 2026 को अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी थी। रिपोर्ट में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद लेखपाल स्वाती शर्मा ने थाना गुन्नौर में एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे भी गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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