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US-Iran conflict: ईरान पर फिर से हमले के मूड में इजराइल, ट्रंप के इशारे का इंतजार

US-Iran conflict: ईरान पर फिर से हमले के मूड में इजराइल, ट्रंप के इशारे का इंतजार
US-Iran conflict: अमेरिका और ईरान में चल रहा तनाव गंभीर होता जा रहा है। इस बीच खबर है कि इजराइल भी ईरान पर हमले के मूड में है। बस, उसे सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इशारे का इंतजार है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के तेवर भी यही बता रहे हैं कि इजराइल हमले शुरू करने को आतुर है।  

नेतन्याहू ने दी चेतावनी

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। वायु सेना के पायलटों के ग्रेजुएशन समारोह में नेतन्याहू ने कहा, “हमारी नीति बिल्कुल साफ है। समझौता हो या न हो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।”
स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले नहीं किए होते, तो ईरान खुद को हथियारों से लैस कर चुका होता।

US-Iran conflict:  रक्षा बजट बढ़ाएगा इजराइल

नेतन्याहू ने घोषणा की कि अगले दस वर्षों में रक्षा बजट में 350 अरब शेकेल (करीब 116 अरब अमेरिकी डॉलर) की बढ़ोतरी की जाएगी। इसका बड़ा हिस्सा वायु सेना पर खर्च होगा। साथ ही हम इजरायल में ही बड़े पैमाने पर हथियार और गोला-बारूद बनाने का उद्योग विकसित करेंगे। उनका कहना था कि इससे विदेशों से खरीद पर निर्भरता कम होगी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच फिर से हमले हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान के साथ समझौते की संभावना अब खत्म हो चुकी है।

US-Iran conflict:  लेबनान में बनी रहेगी सेना

इजरायल के सेना प्रमुख एयाल जमीर ने कहा कि इजराइल ईरान और लेबनान की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार है। वहीं रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि सेना पूरी तरह सतर्क है और अभियान दोबारा शुरू करने के लिए तैयार है।

इस बीच, रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने गुरुवार को कहा कि जब तक हिज्‍बुल्लाह पूरी तरह से हथियार नहीं छोड़ देता, तब तक इजरायली सेना लेबनान में बनी रहेगी।

US-Iran conflict:  हिज्‍बुल्लाह को निशस्त्र करेंगे

अपने कार्यालय की ओर से जारी बयान में उन्होंने कहा, “लेबनान में प्रवेश करने के लिए हमने किसी से अनुमति नहीं मांगी थी और वहां बने रहने के लिए भी हमें किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है।”

उन्होंने कहा कि इजराइली सैनिक दक्षिणी लेबनान में जितनी देर जरूरत होगी, उतनी देर तक रहेंगे, जब तक पूरे लेबनान में हिज्‍बुल्लाह को पूरी तरह निशस्त्र नहीं कर दिया जाता।”

काट्ज ने कहा कि इजराइली सेना ने लेबनान में एक मजबूत सुरक्षा क्षेत्र बना लिया है। उनके मुताबिक, यह इलाका पश्चिम में भूमध्य सागर से लेकर दक्षिणी लेबनान के अरनून के पास मौजूद ब्यूफोर्ट किले तक और पूर्व में माउंट हरमोन के आसपास के इलाकों तक फैला हुआ है।

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