Uttarkashi: उत्तराखंड में बरसात का मौसम काफी चुनौतियां साथ लेकर आता है।इस बार भी जगह-जगह भूस्खलन और पहाड़ों के टूटने से कई महत्वपूर्ण मार्ग बाधित हो रहे हैं। इसके कारण स्थानीय लोगों के साथ ही तीर्थ यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालु बीच रास्तों में ही फंस जा रहे हैं। इस बीच गुरुवार की रात को यमुनोत्री नेशनल हाईवे (NH-134) का करीब 100 मीटर हिस्सा बह गया। इससे यातायात अवरुद्ध हो गया एवं सैकड़ों लोग बीच में फंस गए।
सुरक्षित जगहों पर रोके यात्री
भूस्खलन और लगातार बारिश के चलते उत्तरकाशी में यमुनोत्री नेशनल हाईवे (NH-134) का करीब 100 मीटर हिस्सा स्यानाचट्टी के पास बह गया है। इसके कारण यातायात पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। एक हजार से ज्यादा तीर्थयात्री जगह-जगह फंसे हुए हैं। सुरक्षा के लिहाज से यात्रियों को बड़कोट और जानकी चट्टी आदि जगहों पर रोक लिया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर मलबे और पत्थरों के गिरने का सिलसिला बना हुआ है। इससे यातायात शुरू करने में मुश्किलें हो रही हैं।जो लोग बीच रास्तों में फंसे हुए हैं, उन्हें दिक्कतें हो रही हैं और उनके परिजनों की चिंताएं बढ़नी स्वाभाविक हैं। बरसात के मौसम में लोग को सोच-समझकर यात्रा की तैयारी करेें तो बेहतर होगा।
Uttarkashi: गंगोत्री हाईवे भी हुआ बाधित
यमुनोत्री हाईवे से पहले बृहस्पतिवार को गंगोत्री हाईवे बाधित हुआ।हाईवे पर नालूपानी और नगुण के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क खोलने के लिए तत्काल मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। नालूपानी में करीब दो घंटे की के कठिन प्रयास के बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई, इससे लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन दोपहर में एक बार फिर भूस्खलन होने से सड़क बंद हो गई।








