West Bengal News: जीरो FIR को लेकर कोलकाता पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जीरो FIR दर्ज करने या उसकी जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी होने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
West Bengal News: अब थाने-थाने भटकने से मिलेगी राहत-
पुलिस का उद्देश्य है कि अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) के विवाद के कारण पीड़ितों को अलग-अलग थानों के चक्कर न लगाने पड़ें। जीरो FIR दर्ज होने के बाद मामला तुरंत संबंधित थाने को भेजना होगा, ताकि जांच समय पर शुरू हो सके।
West Bengal News: थाना प्रभारी करेंगे केस ट्रांसफर की पुष्टि-
नए निर्देशों के अनुसार, जिस थाने में जीरो FIR दर्ज होगी, वहां के थाना प्रभारी को संबंधित थाने के प्रभारी से संपर्क कर केस ट्रांसफर होने की पुष्टि करनी होगी। केस भेजते समय शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर और घटना से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी।
महिला अपराधों में तुरंत शुरू होगी जांच-
महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे दुष्कर्म, छेड़छाड़ और मारपीट के मामलों में जीरो FIR दर्ज होते ही संबंधित डिवीजनल डिप्टी पुलिस आयुक्त को सूचना देनी होगी। इसका उद्देश्य बिना देरी के जांच शुरू करना है।
जांच की प्रगति से शिकायतकर्ता को मिलेगी जानकारी-
कोलकाता पुलिस के अनुसार, जीरो FIR के मामलों में कई बार देरी देखने को मिली है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है। अब पुलिस को शिकायतकर्ता को समय-समय पर जांच की प्रगति की जानकारी देनी होगी।
पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने की कोशिश-
पुलिस आयुक्त के इस आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अधिकार क्षेत्र को लेकर होने वाली देरी कम होगी और जीरो FIR की प्रक्रिया अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनेगी।
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