West Bengal News: पश्चिम बंगाल सरकार सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म नीति में बदलाव की तैयारी कर रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DI) को निर्देश दिया है कि वे 2022 से पहले सरकारी स्कूलों में लागू यूनिफॉर्म का जिलावार सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करें। यह रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर विभाग को सौंपनी होगी।
West Bengal News: नीली-सफेद यूनिफॉर्म नीति में बदलाव की योजना-
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2027 के शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में नई यूनिफॉर्म लागू की जा सकती है। राज्य सरकार इसका पूरा खर्च उठाएगी। इसके तहत सभी स्कूलों में लागू एक समान नीली-सफेद यूनिफॉर्म नीति को खत्म कर स्कूलों की पुरानी और अलग पहचान वाली ड्रेस वापस लाने की योजना है।
West Bengal News: स्कूलों से मांगी गई ये जानकारी-
शिक्षा विभाग ने स्कूलों से यूनिफॉर्म के पसंदीदा रंग, छात्रों की संख्या और अन्य जरूरी जानकारियां मांगी हैं। इसके आधार पर नई ड्रेस नीति तैयार की जाएगी। शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि हर स्कूल की अपनी यूनिफॉर्म केवल पहचान नहीं होती, बल्कि छात्रों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी होती है। यूनिफॉर्म से आसानी से पता चल जाता है कि छात्र किस स्कूल से जुड़ा है।
यूनिफॉर्म बदलाव पर उठे राजनीतिक सवाल-
अग्निमित्रा पाल ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में नीली-सफेद यूनिफॉर्म की आपूर्ति के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ और खराब गुणवत्ता का कपड़ा दिया गया। वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पहले भी रंग के आधार पर यूनिफॉर्म बदली गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अब किसी नए रंग का चयन राजनीतिक आधार पर किया जाता है तो उस पर भी चर्चा होगी।
2022 में लागू हुई थी नीली-सफेद यूनिफॉर्म-
गौरतलब है कि 2011 में तृणमूल कांग्रेस सरकार बनने के बाद सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हुई थी। वर्ष 2022 के बाद ज्यादातर सरकारी स्कूलों में नीली-सफेद रंग की यूनिफॉर्म लागू की गई थी और पारंपरिक बैज की जगह ‘विश्व बांग्ला’ लोगो लगाया गया था। अब सरकार पुराने ड्रेस कोड को वापस लाने की दिशा में कदम बढ़ाती नजर आ रही है।
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