Fruit Facts: गर्मियों में तरबूज खाते समय उसमें ढेरों बीज दिखाई देते हैं, जबकि आम के अंदर सिर्फ एक बड़ी गुठली होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सभी फल फूलों से बनते हैं, तो बीजों की संख्या अलग-अलग क्यों होती है? इसका जवाब प्रकृति की अनोखी रणनीति और पौधों की संरचना में छिपा है।
Fruit Facts: प्रकृति की अपनी प्रजनन रणनीति-
हर बीज के अंदर एक नया पौधा बनने की क्षमता होती है। पौधों की कोशिश होती है कि उनकी प्रजाति आगे भी बनी रहे। इसलिए अलग-अलग पौधों ने अपनी-अपनी रणनीति विकसित की है। तरबूज, अनार और संतरे जैसे पौधे बड़ी संख्या में बीज बनाते हैं ताकि यदि कुछ बीज नष्ट हो जाएं, तब भी बाकी बीज अंकुरित होकर नए पौधे बन सकें। वहीं आम जैसे पौधे अपनी पूरी ऊर्जा एक मजबूत बीज यानी गुठली को विकसित करने में लगाते हैं, जिससे नए पौधे को बेहतर शुरुआत मिलती है।
Fruit Facts: फूल की बनावट तय करती है बीजों की संख्या-
बीजों की संख्या काफी हद तक फूल के अंदर मौजूद ओव्यूल (Ovule) पर निर्भर करती है। परागण (Pollination) के बाद यही ओव्यूल बीज में बदल जाते हैं। जिन फूलों में कई ओव्यूल होते हैं, उनके फल में कई बीज बनते हैं। जिन फूलों में केवल एक ओव्यूल होता है, उनमें सिर्फ एक बीज या गुठली विकसित होती है।
बिना बीज वाले फल कैसे बनते हैं-
आज बाजार में बिना बीज वाले अंगूर, केले और तरबूज आसानी से मिल जाते हैं। ये प्राकृतिक रूप से नहीं, बल्कि आधुनिक कृषि तकनीक और विशेष ब्रीडिंग के जरिए तैयार किए जाते हैं। वैज्ञानिकों ने ऐसी किस्में विकसित की हैं जिनमें बीज बहुत कम या बिल्कुल नहीं बनते।
फलों से जुड़ी रोचक बातें-
स्ट्रॉबेरी एक ऐसा फल है जिसके बीज बाहर की सतह पर दिखाई देते हैं।
अनार के एक फल में सैकड़ों बीज हो सकते हैं और हर बीज एक रसदार आवरण से ढका होता है।
क्या है निष्कर्ष-
फलों में बीजों की संख्या कोई संयोग नहीं, बल्कि प्रकृति की एक वैज्ञानिक रणनीति है। पौधों की प्रजाति को सुरक्षित रखने, नए पौधे तैयार करने और अनुकूल परिस्थितियों में जीवित रहने के लिए अलग-अलग पौधों ने अलग-अलग तरीके अपनाए हैं। यही वजह है कि कुछ फलों में सैकड़ों बीज होते हैं, जबकि कुछ में सिर्फ एक ही गुठली होती है।
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