Ladakh News: लद्दाख प्रशासन ने पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अवैध ऑफ-रोडिंग करने वाले पर्यटकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पहली बार मोटरसाइकिल समूहों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 बाइकर्स पर कुल 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि पैंगोंग झील के पास अवैध रूप से एसयूवी चलाने वाले एक पर्यटक पर 50 हजार रुपये का दंड लगाया गया। दोनों मामलों में कुल 1.70 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
Ladakh News: सो मोरिरी के पास पकड़े गए 12 बाइकर्स-
वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने 4 जुलाई 2026 को गुरुग्राम स्थित टूर ऑपरेटर ‘वांडरऑन एक्सपीरियंसेज प्राइवेट लिमिटेड’ से जुड़े 12 बाइकर्स के समूह को सो मोरिरी झील के पास संरक्षित क्षेत्र में अवैध ऑफ-रोडिंग करते हुए पकड़ा। यह इलाका चांगथांग वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत आने वाला पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील आर्द्रभूमि क्षेत्र है। जांच में समूह को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम का उल्लंघन करते पाया गया। इसके बाद प्रत्येक बाइक पर 10 हजार रुपये के हिसाब से कुल 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
Ladakh News: पैंगोंग झील के पास SUV चालक पर 50 हजार का जुर्माना-
इससे पहले 30 जून 2026 को वन्यजीव विभाग ने नियमित गश्त के दौरान पैंगोंग झील के पास मान गांव में उत्तर प्रदेश नंबर UP12CA5111 वाली महिंद्रा XUV 3XO को रोका। वाहन चांगथांग वन्यजीव अभयारण्य के भीतर झील के किनारे अवैध रूप से ऑफ-रोड चलाया जा रहा था। अधिकारियों ने वाहन को जब्त कर लिया और मेरठ निवासी चालक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना जमा कराने के बाद वाहन को छोड़ दिया गया।
पर्यटन बढ़ने के साथ बढ़ी चिंता-
पिछले कुछ वर्षों में लद्दाख बाइक राइडर्स और एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बन गया है। हालांकि, पर्यटन बढ़ने के साथ संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों, आर्द्रभूमियों और झीलों के किनारे अवैध ऑफ-रोडिंग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। प्रशासन का कहना है कि इससे नाजुक पारिस्थितिकी और वन्यजीवों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
उपराज्यपाल ने दी सख्त चेतावनी-
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि लद्दाख की झीलें, पहाड़, नदियां और वन्यजीव देश की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि वे प्राकृतिक सुंदरता का आनंद जिम्मेदारी के साथ लें और संरक्षित क्षेत्रों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, लेकिन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
EPF की तैनाती से निगरानी हुई और मजबूत-
अवैध ऑफ-रोडिंग पर रोक लगाने के लिए हाल ही में लद्दाख पर्यावरण संरक्षण बल (EPF) की तैनाती की गई है। 100 पूर्व सैनिकों से बनी यह विशेष टीम पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर ही चालान जारी करने का अधिकार रखती है।
सतर्क गश्त से पकड़े गए दोनों मामले-
वन्यजीव विभाग ने बताया कि दोनों मामलों का खुलासा नियमित गश्त और वन्यजीव मुखबिरों की सूचना के आधार पर हुआ। प्रशासन का कहना है कि आगे भी संरक्षित क्षेत्रों में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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