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E20 पेट्रोल पर क्यों मचा है बवाल? जानिए इथेनॉल की कीमत और सरकार का पूरा गणित

Ethanol petrol:

Ethanol petrol: देशभर में इन दिनों E20 पेट्रोल को लेकर चर्चा तेज है। E20 पेट्रोल का मतलब है ऐसा ईंधन, जिसमें 20 फीसदी इथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल मिलाया जाता है। केंद्र सरकार के इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) के तहत 2014 से पेट्रोल में इथेनॉल मिलाया जा रहा है। सरकार ने 2030 तक E20 लागू करने का लक्ष्य रखा था, जिसे तय समय से करीब पांच साल पहले ही हासिल कर लिया गया।

सरकार ने गिनाए E20 के फायदे

सरकार का दावा है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से 2014-15 से अब तक करीब 310 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का आयात कम हुआ है। इससे 1.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। वहीं, इथेनॉल उत्पादन के जरिए किसानों को 1.60 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान भी किया गया है।

Ethanol petrol:  फिर पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं हुआ?

E20 पेट्रोल को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पेट्रोल में इथेनॉल मिलाया जा रहा है तो इसकी कीमत कम क्यों नहीं हुई। इसकी मुख्य वजह इथेनॉल की लागत बताई जा रही है। इथेनॉल का उत्पादन डिस्टिलरी में होता है और तेल विपणन कंपनियां इसे सरकार द्वारा तय कीमत पर खरीदती हैं।

Ethanol petrol: इतनी है इथेनॉल की कीमत

काउंसिल ऑन एनर्जी, एन्वायर्मेंट एंड वॉटर (CEEW) की रिपोर्ट के अनुसार, ESY 2024-25 में इथेनॉल खरीद की कुल लागत लगभग 87,390 करोड़ रुपये रही। इसमें 62,566 करोड़ रुपये तेल कंपनियों ने इथेनॉल खरीदने पर खर्च किए, जबकि 24,824 करोड़ रुपये सब्सिडी और अन्य मदों में खर्च हुए।

वर्तमान में गन्ने से बनने वाले एक लीटर इथेनॉल की कीमत 65.61 रुपये और मक्के से बनने वाले इथेनॉल की कीमत 71.86 रुपये प्रति लीटर है। औसतन एक लीटर इथेनॉल की कीमत करीब 71 रुपये पड़ती है।

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