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अखिलेश यादव ने सोनम वांगचुक से की फोन पर बात, जंतर-मंतर आंदोलन को दिया समर्थन, सियासत हुई तेज

अखिलेश यादव ने सोनम वांगचुक से की फोन पर बात, जंतर-मंतर आंदोलन को दिया समर्थन, सियासत हुई तेज

Akhilesh Yadav Sonam Wangchuk call: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की एक फोन कॉल ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक से फोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

जंतर-मंतर पर जारी है आंदोलन, सोनम वांगचुक का अनशन चर्चा में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन जारी है। इसी आंदोलन के समर्थन में सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लगातार अनशन के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य देखा जा रहा है।

Akhilesh Yadav Sonam Wangchuk call: अखिलेश यादव ने फोन कर जाना स्वास्थ्य, अनशन खत्म करने की अपील

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोनम वांगचुक से फोन पर बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। बातचीत के दौरान उन्होंने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि देश को उनके नेतृत्व और नैतिक शक्ति की जरूरत है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी आंदोलन के साथ खड़ी है।

Akhilesh Yadav Sonam Wangchuk call: सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी राजनीतिक गर्माहट

फोन पर बातचीत के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि सोनम वांगचुक का जीवन देश और समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और उन्हें स्वास्थ्य लाभ लेकर आगे भी लोकतांत्रिक मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।समाजवादी पार्टी के कई सांसद और विधायक भी जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने कहा कि युवाओं की आवाज संसद और सड़क दोनों जगह उठाई जाएगी। इससे यह संकेत भी मिल रहा है कि सपा इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।

2027 की राजनीति से भी जोड़कर देखे जा रहे हैं संकेत

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह कदम केवल एक समर्थन भर नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले युवाओं और छात्रों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। हालांकि इस पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी राय है।सोनम वांगचुक के लंबे अनशन और उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर देशभर के कई सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक लोगों ने चिंता जताई है। कई प्रमुख हस्तियों ने भी उनसे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की है।

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