New Delhi: दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इसके साथ ही सियासत गरमा गई है। विपक्ष सरकार के खिलाफ हमलावर है। विपक्ष ने सोनम को जबरन अस्पताल में भर्ती कराने पर सरकार को घेरते हुए इसे ‘गुंडागर्दी’ और ‘तानाशाही’ तक करार दिया है।
यह सत्ता का अहंकार-संजय सिंह
New Delhi: यह तानाशाही है- डिंपल यादव
समाजवादी पार्टी से सांसद डिंपल यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, “सोनम वांगचुक को जबरन हटाना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है। भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं । यह तानाशाही है।”
डिंपल यादव ने दूसरे पोस्ट में कहा, “भाजपा वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आए हैं। जब शांतिपूर्ण आवाजों को दबाया जाता है तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं। सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज दबाना देश की आत्मा को दबाना है।”
New Delhi: सफेद कपड़े में उठा ले गई पुलिस-अनुराग भदौरिया
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने सोनम वांगचुक जंतर-मंतर से हटाए जाने का विरोध करते हुए एक्स पर पोस्ट किया, “ये कौन सा तरीका है शांतिपूर्ण प्रदर्शन खत्म करने का। सफेद कपड़ा लाकर 20 दिनों की हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक को अस्पताल उठा ले गई पुलिस।”
New Delhi: लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार-चंद्रशेखर
भीम आर्मी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने एक्स पर लिखा, “लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार! दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को सादा कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन अस्पताल ले जाना तथा उनके साथियों के साथ मारपीट कर उन्हें हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।”
New Delhi: यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण-पुष्पेंद्र सरोज
New Delhi: लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए
पुष्पेंद्र सरोज ने एक्स पर लिखा, “क्या लोकतंत्र में अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण अनशन करना भी अब आसान नहीं रहा? जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया। सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि यह है कि क्या सरकार संवाद का रास्ता चुनेगी या विरोध की आवाज को अनसुना करती रहेगी? लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, दमन नहीं।”
इसके साथ ही सांसद ने कहा, “हम झुकेंगे नहीं, हम मिटेंगे नहीं और पीछे हटेंगे नहीं। युवाओं की लड़ाई में मैं खड़ा हूं उनके साथ।”








