Fort Moat: प्राचीन काल में राजा के किलों में आपने ऊंची-ऊंची दीवारों के ठीक बाहर बनी गहरी खाई तो देखी ही होगी। इस खाई में भले ही आज के समय में पेड़-पौधे उग गए हैं, पर यह उस समय किलों की दीवारों की रक्षा करती थी।
दुश्मनों की सीधी पहुंच को रोकने के लिए
किलों के बाहर खाई बनाने का सबसे पहला मकसद दुश्मन को सीधे किले तक पहुंचने से रोकना था। इस खाई के कारण दुश्मन के सैनिक, घुड़सवार या हाथी किले के मुख्य दरवाजे तक सीधे नहीं पहुंच पाते थे और न ही दीवार पर चढ़कर किले के अंदर दाखिल हो पाते थे। इसलिए अगर कोई दुश्मन सेना आक्रमण कर दे, तो उन्हें रुकना ही पड़ता था।
सुरंग बनाने की साजिश को नाकाम करना
पुराने समय में किसी किले को गिराने के लिए दुश्मन जमीन के नीचे सुरंग खोदने की तकनीक अपनाते थे, लेकिन अगर किले के चारों ओर पानी से भरी खाई होती थी, तो सुरंग खोदना मुश्किल हो जाता था। इससे किले की सुरक्षा बनी रहती थी और दुश्मन की साजिश नाकाम हो जाती थी।
सुरक्षा में तैनात करते थे खतरनाक जानवर
किले की खाई खाली नहीं होती थी। उसमें पानी होता था और सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए उसमें मगरमच्छ या जहरीले सांप छोड़ दिए जाते थे, ताकि कोई तैरकर उसे पार न कर सके। अगर कोई उस खाई को तैरकर पार करने की कोशिश करता, तो वह उन जीवों का खाना बन सकता था। इससे किले की सुरक्षा और मजबूत हो जाती थी।यही कुछ वजहों के चलते खाई का निर्माण किलों के लिए अनिवार्य था।
Written by- Anushka
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