NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक के खिलाफ जारी आंदोलन के बीच पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे को लेकर वास्तव में गंभीर होते, तो उन्हें जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच जाकर उनका साथ देना चाहिए था।
एक इंटरव्यू में दिया बयान
एक चैनल को दिए एक इंटरव्यू में गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि लोगों को अब बहलाया या भ्रमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “अगर इस मुद्दे पर ईमानदारी होती तो राहुल गांधी जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ खड़े होते। लोगों को मूर्ख नहीं बनाया जा सकता, यह जागा हुआ भारत है।” इस बयान का वीडियो आम आदमी पार्टी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। पार्टी ने पोस्ट में लिखा कि यदि छात्रों के प्रति नीयत साफ होती, तो राहुल गांधी को जंतर-मंतर जाकर छात्रों के बीच बैठना चाहिए था, न कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करना चाहिए था।
NEET Paper Leak: सरकार ने भी विपक्ष को घेरा
उधर, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल चुनिंदा मामलों को उठाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहता है।
केंद्र सरकार छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है
नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में 150 पेपर लीक मामलों का जिक्र किया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सरकारों के दौरान हुए पेपर लीक मामलों पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा चाहती है। उन्होंने यह भी दोहराया कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है और शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
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