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हरतालिका तीज क्यों मनाई जाती है? जानिए व्रत, पूजा और भगवान शिव-पार्वती की पौराणिक कथा

Hartalika Teej: हरतालिका तीज क्यों मनाई जाती है? जानिए व्रत, पूजा व कथा

Hartalika Teej: हिंदू धर्म में हरतालिका तीज का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं भी मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

हरतालिका तीज क्यों मनाई जाती है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या और दृढ़ संकल्प के बाद भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसी मान्यता के कारण हरतालिका तीज को पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और मनचाहे जीवनसाथी की कामना से जोड़ा जाता है।

Hartalika Teej: क्या है हरतालिका तीज की पौराणिक कथा?

मान्यता है कि माता पार्वती भगवान शिव को अपने पति के रूप में चाहती थीं, लेकिन उनके पिता हिमवान ने उनका विवाह भगवान विष्णु से करने का निर्णय लिया। माता पार्वती इससे दुखी थीं। तब उनकी सखी उन्हें वन में ले गईं, ताकि वह अपने संकल्प के अनुसार भगवान शिव की आराधना कर सकें। माता पार्वती ने वन में रहकर कठोर तपस्या की और रेत से भगवान शिव की प्रतिमा बनाकर पूजा की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया। इसी कथा के कारण इस व्रत को शिव-पार्वती के अटूट दांपत्य का प्रतीक माना जाता है।

क्यों कहा जाता है ‘हरतालिका’?

‘हरतालिका’ नाम के पीछे भी पौराणिक मान्यता जुड़ी है। कहा जाता है कि माता पार्वती की सखी उन्हें उनके पिता के घर से छिपाकर वन में ले गई थीं, ताकि उनका विवाह उनकी इच्छा के विरुद्ध न हो। ‘हरत’ और ‘आलिका’ शब्दों से मिलकर हरतालिका नाम बनने की मान्यता बताई जाती है।

Hartalika Teej: कैसे रखा जाता है हरतालिका तीज का व्रत?

इस दिन महिलाएं प्रायः निर्जला व्रत रखती हैं और भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा करती हैं। पूजा में शिव-पार्वती की प्रतिमा या बालू से बनाई गई प्रतिमा की स्थापना की जाती है। माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित की जाती है और भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा आदि चढ़ाने की परंपरा है। कई स्थानों पर महिलाएं रात्रि जागरण करती हैं और तीज के पारंपरिक गीत गाती हैं।

हरतालिका तीज का धार्मिक महत्व क्या है?

धार्मिक मान्यताओं में हरतालिका तीज को प्रेम, समर्पण, दांपत्य सुख और पति-पत्नी के रिश्ते की मजबूती से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि माता पार्वती की तरह श्रद्धा और संकल्प के साथ व्रत रखने से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि ये बातें धार्मिक आस्था और परंपराओं पर आधारित हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

 

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